जिसके जीवन में गुरु नहीं उसका जीवन शुरु नहीं: गणिनी ज्ञानमतीअयोध्या में प्रथम बार भव्य 7 जैनेश्वरी दीक्षाएँ

धर्म

जिसके जीवन में गुरु नहीं उसका जीवन शुरु नहीं: गणिनी ज्ञानमतीअयोध्या में प्रथम बार भव्य 7 जैनेश्वरी दीक्षाएँ

अयोध्या

श्री ऋषभदेव दिगम्बर जैन मंदिर बडी मूर्ति रायगंज जैन मंदिर में प्रातःकाल गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर भव्य कार्यक्रम सम्पन्न किया गया जिसमें सर्वप्रथम भगवान ऋषभदेव का पंचामृत अभिषेक एवं महाशांतिधारा सम्पन्न की गई इसी के अन्तर्गत आचार्य वीरसागर जी गुरु नाम गुरु को भक्तिपूर्वक अर्घ्य समर्पित किया गया। वर्तमान में सबसे ज्येष्ठ एवं श्रेष्ठ भारत गौरव गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी गुरु माँ के रूप में हमारे बीच में विद्यमान है जिनका चरण प्रक्षाल करने का प्रथम सौभाग्य सौ. सपना जितेन्द्र लुहाड़िया-खण्डवा निवासी ने प्राप्त किया इसी क्रम में श्रीमती शकुन्तला ध.प. अशोक जी चांदवड-जयपुर ने सौभाग्य प्राप्त किया सुदूरवर्ती प्रान्तों से आए हुए भक्तगणों ने चरण प्रक्षाल करने का सौभाग्य प्राप्त किया एवं गुरुमाँ से जीवन यापन करने एवं सदाचार जीवन में अपनाने के लिए गुरु मंत्र स्वीकार किया।

 

 

 

अयोध्या समिति के मंत्र श्री विजय कुमार जी प्रतिष्ठाचार्य जी ने बताया कि मध्याह्न में शाश्वत तीर्थ अयोध्या में इतिहास में सर्वप्रथम बार जैनेश्वरी दीक्षा श्रावण कृष्णा एकम् को पूज्य गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी के करकमलों से सम्पन्न होने जा रही है। उसी क्रम में आज दीक्षार्थी बहनों को बर्तन में भोजन करने का त्याग कराया गया एवं करपात्र में भोजन २४ घंटे में एक बार करने का नियम दिया गया एवं सभी बहनों ने हाथ में ट्रायल आहार लिया एवं मध्याह्न में दीक्षार्थी बहनों की गोद भराई का कार्यक्रम सम्पन्न किया अनेक शृद्धालु भक्तों ने त्याग की अनुमोदना करते हुए दीक्षार्थियों की गोद भराई सम्पन्न की इसी क्रम में शाम को जैन शास्त्रों के अनुसार दीक्षार्थी के स्वागत के साथ रथ एवं बग्गी में सभी को बैठाकर के भव्य शोभा यात्रा नगर के मुख्य मार्गों पर घुमाई गई एवं इनके त्याग और वैराग्य की सभी महानुभावों ने अनुमोदना की।

 

 

 

 

 

पूज्य चंदनामती माताजी ने इस अवसर पर बताया कि अपने जीवन में ये सभी बहनें नारी जीवन के त्याग का सर्वोत्कृष्ट आर्यिका पद को कल प्रातःकाल मस्तक पर संस्कारों के साथ स्वीकार करेंगी। समस्त कार्यक्रम

संस्थान के पीठाधीश एवं अध्यक्ष स्वस्तिश्री रवीन्द्रकीर्ति स्वामीजी के कुशल नेतृत्व में सम्पन्न किए जाएँगे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से सम्मिलित हुए महामंत्री अमरचंद जी मंत्री विजय कुमार जैन कोषाध्यक्ष ऋषभ जैन, कार्याध्यक्ष अनिल जैन, डॉ. जीवन प्रकाश जैन, जितेन्द्र जैन (लल्ला) श्री सुभाषचंद जैन-लखनऊ आदि सम्मिलित हुए। सम्पूर्ण विधि विधान का कार्यक्रम वरिष्ठ प्रतिष्ठाचार्य श्री विजय कुमार जैन के द्वारा सम्पन्न कराएँ गए। एवं इसी क्रम में भगवान मुनिसुव्रत नाथ के मंदिर का शिलान्यास श्री वैलाशचंद जैन सर्राफ के सुपौत्र श्री अध्यात्म जैन, सिद्धार्थ जैन ने सम्पन्न किया।

सायःकालीन सभा में ब्रह्मचारिणी बहनों के त्याग की अनुमोदना के साथ भगवंतों की एवं गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी के मंगल आरती सभी भक्तगणों ने सम्पन्न की एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम महिला मंडल की महिलाओं के द्वारा सम्पन्न किया गया। कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, दिल्ली, मुम्बई-महा, उत्तर प्रदेश, लखनऊ, सतना, श्रीरामपुर आदि अनेक नगरों से भव्य दीक्षा के कार्यक्रम को देखने के लिए उपस्थित हुए हैं। नरेंद्र अजमेरा पियुष कासलीवाल विजय कुमार जैन अयोध्या से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *