स्म्रति का झरोखा 20 feb 2021 जब विराट सागर महाराज जन्मभूमि आवास को मिला संभव सागर महाराज आहारचर्या चरण वन्दना का लाभ

धर्म

स्म्रति का झरोखा 20 feb 2021 जब विराट सागर जन्मभूमि आवास को मिला संभव सागर महाराज आहारचर्या चरण वन्दना का लाभ

 

हाटपिपल्या

भाव विभोर परिवार जन
श्रावक आदित्य टोंग्या छाया चित्र जो विराट सागर महाराज के गृहस्थ अवस्था के भाई है
संभवसागर महाराज आहार ग्रहण करते हुए
अलोकिक मुद्रा
भाव विभोर परिवार जन व गृहस्थ अवस्था की बहिन प्रियंका विनायका
भाव विभोर क्षण व गृहस्थ अवस्था की बहिन प्रियंका विनायका
उल्लास की बेला
कभी न भुलाए जाने वाले पल
गदगद क्षण
पुण्याअर्जक परिवार जन
गृहस्थ अवस्था के चाचा तेजकुमार टोंग्या
भावुक क्षण

वह धरा यू ही पावन हो जाती है जहां सन्तो  का जन्म होता है वह धरा तो वेसे ही पावन है  जी हां कहे तो यह कथन सार्थकता को बताता है कंकर कंकर बन गया मोती पत्थर पत्थर धन्य  हुआ सन्तो की जन्मभूमि से हाटपिपल्या धन्य हुआ  जी हा हम बात कर हाटपिपल्या जिला देवास की जहा अनेक संतो ने जन्म लिया वहा की उर्जा व कण कण मे धर्म बसा है i हम बात कर रहे है 20 feb 2021 की जब  आज के विराट सागर महाराज के अमित की जन्मभूमि पर संभव सागर महाराज आहारचर्या हुई1 इन्हे हम दुर्लभ क्षण ही कह सकते है1
जब  असभव को संभव करने वाले मुनिराज संभव सागर जी महाराज की आहारचर्या व चरण वन्दना का लाभ आज विराट सागर जी महाराज की जन्मभूमि आवास श्री विजय कुमार जी,तेजकुमार जी,आदित्य जी टोंग्या को मिला सचमुच यह महापुण्य ही कहा जाएगा। यह आवास तो वैसे ही तपस्वी की जननी है। और अब तो संभव सागर महाराज निर्यापक श्रमण हो गए1
इनके पुण्य की कोटि कोटि अनुमोदना
अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमडी

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