मुनिश्री विमल सागर महाराज ने तीन उपवास की तप साधना मंदिर में गरीब अमीर का भेद नहीं होना चाहिए भावसागर महाराज

धर्म

मुनिश्री विमल सागर महाराज ने तीन उपवास की तप साधना मंदिर में गरीब अमीर का भेद नहीं होना चाहिए भावसागर महाराज
खिमलासा
श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर में पूज्य मुनि श्री विमल सागर महाराज संघ सानिध्य में सिद्ध चक्र महामंडल विधान भव्यता के साथ हो रहा है।

 

 

 

मिली जानकारी अनुसार पूज्य मुनि श्री विमल सागर महाराज ने 14 जुलाई से 16 जुलाई तक तीन उपवास की तप साधना की 13 जुलाई को आहार लेने की उपरांत पूज्य महाराज श्री का 17 जुलाई की सुबह पारणा हुआ। निश्चित रूप से यह उत्कृष्ट तप एवम उत्कृष्ट साधना है।

बुधवार की अनुपम बेला में मंगल प्रवचन देते हुए मुनि श्री अनंत सागर महाराज ने धार्मिक क्रियाओं की महिमा बताई। मंगल प्रवचन में पूज्य मुनि श्री भावसागर महाराज ने कहा कि मंदिर में गरीब अमीर का भेद नहीं होना चाहिए। और दान देने में कंजूसी नहीं करना चाहिए, शक्ति को छुपाना नहीं चाहिए। मांगलिक कार्यों में नए लोगों को आगे लाना चाहिए।

 

एक उदाहरण के माध्यम से महाराज जी ने कहा कि जिस प्रकार से नई बहू को हर कार्य सिखाते है, ऐसे ही बच्चों को एवं नए व्यक्तियों को क्रियाएं सिखाना चाहिए। कई बार ज्यादा डांटने से व्यक्ति मंदिर आना छोड़ देते हैं। उन्होंने कहा कि दान करने से भगवान बनता है। व्यक्ति को औषधी दान करते रहना चाहिए, जिससे बीमारियां ठीक होती हैं। पूरी दुनिया में 99% लोग बीमार हैं। गरीबी को औषधी दान करना चाहिए। शास्त्रों में आता है की मंदिर को ध्वजाओ से सजाया जाता था अच्छे द्वारा बनाए जाते थे, रत्न के चूर्ण से रंगोली बनाई जाती थी।

संकलित अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *