अनेक संतों की पावन जन्मभूमि हाटपिपलिया में प्रमाण सागर महाराज संघ के मंगल आगमन पर हुई ऐतिहासिक अगवानी
हाटपिपलिया
देवास जिले के हाटपिपलिया की धरा सचमुच पावन एवं पवित्र है। क्योंकि इस धरा ने अनेक संतों को जन्म दिया है। और जैन धर्म की। पताका को संपूर्ण विश्व में फहराया है।
ऐसी पावन भूमि जिस भूमि ने मुनि श्री 108 विराट सागर महाराज, विशाल सागर महाराज, निराकार सागर महाराज, सुयश गुप्त महाराज को जन्म दिया ऐसी पावन भूमि आज और पावन पुनीत बन गई जब गुणायतन प्रणेता मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज, मुनि श्री निर्वेगसागर महाराज, मुनि श्री संधानसागर महाराज एवम समस्त संघ का मंगल आगमन हुआ।

मंगल आगमन की बेला में नगर वासी काफी उत्साहित नजर आ रहे थे। जैसे ही महाराज श्री का संघ नगर की सीमा के समीप आया तो नगर वासियों के चेहरे पर हर्ष की लहर देखी गई और जय जयकारों का शोर होने लगा पूज्य गुरुदेव की मंगल आगवानी में कुंभराज का दिव्य घोष शोभा यात्रा को पुलकित कर रहा था।

आचार्य गुरुवर विद्यासागर महाराज की जय, प्रमाण सागर महाराज की जय के जय घोष गूंज रहे थे। संपूर्ण नगर दुल्हन की तरह सजा हुआ था जगह-जगह गुरुदेव की मंगल आरती एवं पद प्रक्षालनकर नगर वासी अपने आप को धन्य एवं गौरवान्वित महसूस कर रहे थे। मार्ग में जगह-जगह रंगोलिया सजी हुई थी।

नगर के प्रमुख मार्गो से होते हुए गुरुदेव संघ को जिन मंदिर लाया गया जहां मंगल विहार में सहयोग देने वाले व्यक्तियों का हाटपिपलिया समाज द्वारा स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। आपको बता दें नगर गौरव विराट सागर महाराज लगभग 11 वर्ष तक पूज्य मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज के साथ रहे और जैन धर्म की महती प्रभावना की। ओर जिन्हे हम आज मुनि श्री संधान सागर जी महाराज के रूप में देख रहे है। उन्होंने भी ब्रह्मचारी रोहित भैया के रूप में पूज्य मुनि श्री प्रमाण सागर जी महाराज की सन्निधि मे रहकर धर्म का गहन अध्ययन किया। निश्चित रूप से आज नगर के लिए गौरव के क्षण थे।

संध्या की बेला में शंका समाधान का कार्यक्रम भी हुआ पूज्य महाराज श्री संघ का अल्प प्रवास नगर में रहने की संभावना है। वही 11 जुलाई की दोपहर की बेला में विश्व वंदनीय आचार्य गुरुवर विद्यासागर महाराज का मुनि दीक्षा दिवस पूज्य मुनि संघ सानिध्य में भक्ति भाव के साथ मनाया जाएगा।
प्राप्त जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
