आचार्य श्री विराग महाराज की प्रत्येक वाणी मे गागर मे सागर था आर्यिका 105 विमलप्रभा माताजी माताजी संघ सानिध्य मे आचार्य श्री विराग सागर महाराज को विनम्र विनयाजली दी गई

धर्म

आचार्य श्री विराग महाराज की प्रत्येक वाणी मे गागर मे सागर था
आर्यिका 105 विमलप्रभा माताजी माताजी संघ सानिध्य मे आचार्य श्री विराग सागर महाराज को विनम्र विनयाजली दी गई
रामगंजमंडी
आचार्य श्री 108 विरागसागर महाराज को शुक्रवार की प्रातः बेला मे पट्ट गणिनी आर्यिका105 विमलप्रभा माताजी सानिध्य मे सकल दिगम्बर जैन समाज रामगंजमंडी द्वारा श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर मे विनयाजली सभा का आयोजन किया गया जिसमे सभा का सञ्चालन महामंत्री राजकुमार गंगवाल के द्वारा किया गया सभा के प्रथम चरण मे आचार्य श्री के चित्र के समक्ष्य दीप प्रज्वलित किया गया सभा का सञ्चालन करते राजकुमार गंगवाल ने आचार्य श्री के जीवन कृतित्व पर प्रकाश डाला इस अवसर पर संघस्थ सभी माताजी ने आचार्य गुरुवर के संस्मरण को बताया और समाधी के विषय को बताया की आचार्य श्री का जीवन अनुशासित जीवन था वे यथा नाम तथा गुण के धारी थे और कहा की गुरु की महिमा का वर्णन शब्दों मे नहीं किया जा सकता

 

 

 

पट्टगणिनी आर्यिका 105 विमलप्रभा माताजी ने आचार्य श्री के साथ उदगांव किए वर्षायोग के संस्मरण को सुनाया उन्होने कहा की अंतरंग से विकृति को छोड़ना समाधि है विराग सागर महाराज की प्रत्येक वाणी मे गागर मे सागर मिला गुरु महिमा के विषय मे कहा की गुरु का आशीर्वाद अयोग्य को और अयोग्य पाषाण को मूर्ति बना देता है आचार्य गुरुवर मे जो अनुशासन था उसी का पालन उनके समस्त शिष्य भी कर रहे है गुरुदेव जीवंत तीर्थ है रत्नत्रय धारी तीर्थ होते है यदि इस तीर्थ रुपी गंगा मे हम भी स्नान करेगे तो हमारा जीवन भी तीर्थ हो जाता है गुरुदेव ने जो अनेको को दीक्षा देकर जो पुण्यरुपी बाग़ तैयार किया है वह हरा भरा रहेगा उन्होने जो बसंत की स्थापना की है वो चिरबसंत है

गुरुदेव ने जो दिया है वह जयवंत रहे हमारा चिंतन भी यही करता रहे तब तक हमारा जीवन पूर्ण वीतरागमय नहीं हो जाता

 

 

 

 

 


इस अवसर पर सरक्षक अजित सेठी ने भी अपने भाव प्रकट किए और कहा की आचार्य श्री जो हमे सिखाया उसी मार्ग पर हम चले समाज अध्यक्ष दिलीप विनायका ने आचार्य श्री के विषय मे बताया और कहा की 300 से अधिक दीक्षा दी और कहा की आचार्य श्री का वात्सल्य भी बहुत अधिक था आपके द्वारा बताए मार्ग पर हम चल सके गुरुदेव ऐसा

 

 

आशीर्वाद हमे दे भैया आकाश आचार्य ने भी गुरुदेव के स्कूल के समय के प्रसंग को सुनाया और कहा की गुरुदेव से यही सीख मिलती है की यदि आगे बढना है तो अपने आप को अनुशासन मे लाना होगा सभा के अंत मे नो बार नमोकर मंत्र का जाप कर सामूहिक रूप से गुरुदेव को विनयाजली दी गई
अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312

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