कुंडलपुर में पंचऋषिराज की हुई भव्य आगवानी

धर्म

कुंडलपुर में पंचऋषिराज की हुई भव्य आगवानी
कुंडलपुर
संत शिरोमणि आचार्य गुरुवर विद्यासागर जी महाराज के परम तपस्वी शिष्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज एवं मुनि श्री चंद्र सागर जी महाराज जी के साथ मुनि श्री वीर सागर जी मुनि श्री विशाल सागर जी एवं मुनि श्री धवल सागर जी महाराज का कुंडलपुर पहुंचने पर कुंडलपुर क्षेत्र कमेटी के साथ अनेक भक्त जनों ने भव्य अगवानी की। वही कुंडलपुर में पूर्व से विराजमान मुनिसंघ एवं आर्यिका संघ ने भी मुख्य द्वार पर पहुंचकर मुनि संघ की मंगल आगवानी की। वही आचार्य संघ के सबसे वरिष्ठ निर्यापक मुनि श्री समय सागर जी महाराज एवं योग सागर जी महाराज के साथ अनेक वरिष्ठ मुनि गण भी मुनि संघ को लेने के लिए गए। श्री सुनील वेजिटेरियन ने बताया की मुनि
संघ की मंगल आगवानी ढोल नगाड़ों के साथ की गई। मुख्य द्वार पर महिला मंडल के द्वारा मंगल कलशो के साथ मुनि संघ की भव्य आरती की गई।वही कुडलपुर क्षेत्र कमेटी के द्वारा मुनि संघ का पाद प्रक्षालन किया गया।
आपको बता दे मुनि संघ ने अनेक वर्षों के पश्चात आचार्य भगवान के दर्शन करने का सौभाग्य अर्जित किया। दर्शन कर सभी मुनिराज भावविभोर हो उठे ज्ञातव्य है कि मुनि संघ मेरठ सहारनपुर जैसे उत्तर भारत के अनेक स्थानों पर धर्म प्रभावना करता हुआ कुंडलपुर की पावन धरा पर पहुंचा है। हम अगर कहे तो मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ने अर्हम योग ध्यान को विशेष रूप से कराने मैं प्रवीण है। और उन्होंने बहुत ख्याति अर्जित की है।

इसीलिए उन्हें सभी अर्हम श्री भी कहकर बुलाते है। जबकि चंद्र सागर जी महाराज अनेक वर्षों से शाकाहार का प्रभावशाली ढंग से प्रचार प्रसार कर रहे हैं। वही वीर सागर जी एवं विशाल सागर जी और धवल सागर जी महाराज भी अपने मंगल प्रवचनो से व धर्म की प्रभावना के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने सहारनपुर जैसी नगरी में सफल चातुर्मास कर धर्म की महती प्रभावना की। जब गुरु चरणों के समीप यह संघ पहुँचा उनका मुखमंडल एक अलग ही आभा बिखेर रहा था। क्या खूब लिखा है किसी ने कोई शिष्य गुरु चरणों मे जब सर को झुकाता है, परमात्मा खुद आकर आशीष लुटाता है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमडी

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