गणिनी गुरु माँ विशुद्धमती माताजी गणिनी पदारोहण दिवस पर भाव भीना नमन

धर्म

गणिनी गुरु माँ विशुद्धमती माताजी गणिनी पदारोहण दिवस पर भाव भीना नमन

सारे जग से न्यारी है माँ विशुद्धमती
है यह युग की प्रथम गणिनी
कहते गुरुवर ज्ञानी
हित मित प्रियं सन्देशक जिनकी वाणी
इनकी संयम साधना में दिखती साक्षात जिनवाणी
है यह त्रिलोक कल्याणी
स्वाध्याय संयम मे रहती लीनी
धरती से अम्बर तक गूंजी
जय हो गणिनी गुरु मा विशुद्धमती

 

 

तप त्याग की अनुपम मूरत है यह न्यारी
है ज़न जन इनका आभारी।

 

 


आज के पावन पुनीत दिवस शत शत वन्दामि हमारी
नमनकर्ता
पदमकुमार सुलोचना अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमंडी

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