गणिनी आर्यिका 105 स्वस्ति माताजी का ऐतिहासिक रहा रानपुर अल्प प्रवास किसी भी चीज की अति होना व्यसन है। उससे बचना चाहिए स्वस्ति भूषण माताजी
रानपुर
परम पूजनीय भारत गौरव गणिनी आर्यिका 105 स्वस्तिभूषण माताजी शिक्षा की काशी कोटा नगरी की ओर कदम बढ़ा रही हैं कोटा नगर में 14 अप्रैल को भव्य मंगल प्रवेश गुरु मां का होने जा रहा है जिसको लेकर कोटा में काफी उत्साह है।
इससे पूर्व 11 अप्रैल की संध्या बेला में रानपुर का वातावरण भक्तिमय हो गया जब गुरु मां का मंगल आगमन हुआ।

शुभम जैन मिली जानकारी अनुसार गणिनी आर्यिका 105 श्री स्वस्ति भूषण माताजी का मंगल विहार 11 अप्रैल 2024 को संध्या बेला में जगपुरा से रानपुर की ओर हुआ। जैसे ही नगर की सीमा में प्रवेश हुआ जय-जय कारों का शोर सुनाई देने लगा।




पूज्य गुरु मां की अगवानी में संपूर्ण नगर उमड़ पड़ा पूरे नगर को आकर्षक रूप से सजाया गया। जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए गए और गाज़ों बाजों के साथ माताजी का रानपुर में मंगल प्रवेश हुआ।

जिस भी मार्ग गुरु मां निकली भक्तों के द्वारा पाद प्रक्षालन किया गया। एवम उनके मंगल आगवानी की नगर वासियों की श्रद्धा देखते बन रही थी।जब माता जी ने मंदिर की में प्रवेश किया तो मंदिर की सजावट और मंदिर की व्यवस्थाओं को देख माताजी हर्षित हो गई। माताजी ने नगर वासियों की तारीफ करते हुए कहा कि आप लोगों ने पहले से तैयारी कर रखी है।

12 अप्रैल की प्रातः बेला में पूज्य गुरु मां के सानिध्य में श्री जी का अभिषेक एवं शांति धारा की गई।

पूज्य माताजी ने मोबाइल का दुरुपयोग एवं मोबाइल का सदुपयोग के बारे में बताया उन्होंने कहा कि मोबाइल का उपयोग कम से कम किया जाना चाहिए लेकिन मोबाइल का उपयोग सदुपयोग में करना चाहिए। किसी भी चीज की अति व्यसन कहलाती है और बुराई कहलाती है इससे बचना चाहिए। माताजी की आहारचर्या उपरांत दोपहर में वासुपूज्य भगवान का विधान हुआ और शाम 5:00 बजे माताजी का बिहार रानपुर से पुनः जगपुरा की और हुआ। एवं रात्रि विश्राम विमल जैन वर्धमान ज्वैलर्स कोटा के फार्म हाउस पर हुआ।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
