मुनिश्री आदित्य सागर महाराज सानिध्य में आदिनाथ भगवान का जन्म कल्याणक महोत्सव मनाया गया बच्चो को लोकिक शिक्षा के साथ साथ धार्मिक ज्ञान भी देने की आवश्यकता मुनिश्री आदित्य सागर महाराज
कोटा
भगवान आदिनाथ जन्म कल्याणक महोत्सव के अवसर पर विशाल रथ यात्रा रामपुरा बड़ा जैन मंदिर से ……आज दिनांक 3अप्रैल को दिगंबर जैन यात्रा संघ रामपुरा एवम दिगंबर जैन समाज रामपुरा द्वारा
जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ का जन्म कल्याणक महोत्सव का शुभारंभ प्रातः 7.30बजे से विशाल रथ यात्रा के साथ हुआ,सोधर्म इंद्र का सौभाग्य श्री रिखब चंद सुनीता चांदवाड़ परिवार को मिला ,रथ के सारथी श्री हेमन्त बाकलीवाल बने भगवान के चंवर ढुलाने का पुण्य संजय जैन पिड़ावा वाले,श्री प्रदीप जी पाटनी और मनोज जी टोंगिया ने लिया l
मुनि श्री आदित्य सागर जी महाराज संघ सहित रथ यात्रा में शामिल हुए, सुन्दर से रथ में भगवान आदिनाथ को विराजमान किया गया, और रथ यात्रा बड़ा मन्दिर रामपुरा से मोरी के हनुमान जी,हिंदू

धर्मशाला ,आर्य समाज रोड़,रामपुरा मुख्य बाजार से लिंक रोड़ होती हुई गीता भवन पर संपन्न हुई l पूरे मार्ग में समाज बंधुओं द्वारा स्वागत द्वार लगाए गए और भगवान और मुनि श्री की आरती के साथ अगवानी की गई, जुलूस में जैन दिव्य घोष महिला बैंड केसरिया साड़ी पहने और दो और अन्य बैंड,चार बग्गिया ,ढोल नगाड़े ,भगवान आदिनाथ की झांकी ,और जिनवाणी मां रथ और अभिषेक जल के मंगल कलश लिए महिलाएं रथ यात्रा की शोभा बड़ा रही थी l






कार्यक्रम का शुभारंभ गीता भवन में अष्ट कुंवारियों के मंगलाचरण भक्ति नृत्य द्वारा किया गया, भगवान आदिनाथ जी के प्रथम जन्माभिषेक का सौभाग्य श्री पारस जैन छामुन्या परिवार एवम शांतिधारा का पुण्य श्री राजेश माडिया परिवार ने लिया l मुनि संघ के चरण प्रक्षालन का सौभाग्य श्री मनोजकुमार,सरिता जैन कोठारी,रामपुरा कोटा निवासी को प्राप्त हुआ,मुनि श्री को शास्त्र भेंट का सौभाग्य श्री निखिलेश सेठी,कैलाश भवन परिवार एवम जैन दिव्य घोष महिला बैंड,रामपुरा को प्राप्त हुआ l

भगवान आदिनाथ जन्म कल्याणक महोत्सव की विशाल धर्म सभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री आदित्य सागर जी ने कहा कि जन्म जयंती मानना तो बाहरी प्रभावना है, और उनके सिद्धांतों को गृहण कर अमल करना अंतरंग मन की प्रभावना है,तभी मानव जीवन सफल हो सकता है ,मुनि श्री ने कहा की आज कल के बच्चों को उनके जन्म के प्रथम दिवस से ही संस्कार रूपी बीजा रोपण उनके माता पिता द्वारा करना चाहिए एवम माता पिता को भी संस्कारित रहना चाहिए,जिस तरह का वातावरण परिवार के द्वारा दिया जाता है उसी अनुसार बच्चे ढल जाते है, बच्चों को लोकिक शिक्षा के साथ साथ धार्मिक ज्ञान भी देने की आवश्यकता है,,,,,,मुनि श्री आदित्य सागर जी ने कहा की आज कल बच्चे ऑन लाइन क्रिकेट गेम के द्वारा चंद लाभ के लिए अपना संपूर्ण भविष्य को दाव पर लगा देते हैं, यह उनके माता पिता को ध्यान देना चाहिए,मुनि श्री ने युवा और बच्चो को अच्छे संस्कारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए l यह समस्त जानकारी दिगंबर जैन यात्रा संघ रामपुरा के प्रचार मंत्री जिनेन्द्र पापड़ीवाल द्वारा दी गई l सभी समाज बंधु का वात्सल्य भोज मुनि श्री की आहार चर्या के बाद हुआ l
संकलित जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट9929747312
