पूज्य निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव श्री सुधा सागर महाराज के होली के रंग कहां खिरते है, लग रहा है जंगल में ही मंगल होगा श्रीश जैन ललितपुर की कलम से
अखबार के अंत में कुछ विशेष खबरें छपती हैं जिनमे लिखा होता हैं छपते छपते,,,, ठीक इसी प्रकार निर्यापक मुनि पुंगव सुधासागर जी महाराज कानपुर पंचकल्याणक के पश्चात कुंडलपुर की ओर जब विहार कर रहें थे तो चलते चलते बीच रास्ते मे छतरपुर आया और वहां की समाज के अनुनय निवेदन को स्वीकार करते हुए मेरे गुरुदेव छतरपुर स्थित डेरा पहाड़ी मन्दिर पहुच गए ,,
, हुआ तो यू ही चलते चलते पहुचना मगर पहुचते ही एक बड़ी खबर छप गयी ,,, जय जय अतिशय क्षेत्र की स्थापना और पुनरुद्धार जीर्णोद्धार नवनिर्माण,,,,छतरपुर वासियों को शायद स्वयं इस बात का भरोसा नही होगा कि बहुत ही कम समय रुकने के बाबजूद भी पूज्य गुरुदेव के आशीर्वाद से इतना बड़ा और विशाल जिनालय बना कर तैयार करने वाले भामाशाहो की लिस्ट तैयार हो जाएगी
जो बगैर शर्त जिनालय निर्माण में अपनी सहभागिता निभाएंगे,,





चलते चलते वैसे तो कई तीर्थो के निर्माण का रास्ता तैयार हुआ हैं लेकिन उन सभी से विशेष इस तीर्थ का नाम बेहद लोकप्रिय लगा हैं
पूज्यवर का छतरपुर से कुंडलपुर की ओर पुनः विहार हो गया हैं हालांकि खुद छतरपुर वालो को भी इस बात की जानकारी नही थी कि गुरुदेव इतनी जल्दी विहार कर जाएंगे वे तो यह मान रहें थे कि होली बहुत नजदीक हैं और होली के बाद ही विहार होगा,,, इसी बात का अंदाज़ा लगाते हुए पूरे भारत वर्ष के भक्तो ने होली पर छतरपुर पहुचने वाली गाड़ियों में अपने रिजर्वेशन करा लिए थे,,जैसे ही विहार की सूचना सोशल मीडिया पर प्रसारित हुई लोगो के फोन आना शुरू हो गए कि होली कहा होगी और पहुच मार्ग क्या होगा,,, किन्तु पूज्य गुरुदेव तो खुद अनियत विहारी के शिष्य हैं उनके बारे में कौन बताये सो हमने भी सभी से समय आने पर बता पाएंगे कहते हुए जानकारी दी
पूज्य गुरुदेव का मंगल विहार जिन रास्तों से हो रहा हैं वे जंगल से भरे पूरे हैं तो मुझे लगता हैं इस बार होली पर जंगल मे ही मंगल होगा,, वैसे भी गुरुदेव की प्रसिद्धि हैं कि वे जहाँ तहां कभी जंगल मे पहुच जाते हैं तो मंगल हो ही जाता हैं ,,, अब देखते हैं होली के रंग किस जगह ख़िरते हैं,, आप सभी को होली की शुभकामनाएं
पूज्य गुरुदेव का आशीर्वाद सदा बना रहे इसी मंगल भावना के साथ
श्रीश जैन ललितपुर प्राप्त लेखन
संकलित अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
