स्मृति का झरोखा आचार्य श्री विद्यासागर महाराज को जब रामगंजमंडी के भक्त राजेश शैलजा सेठी एवम सुलोचना लुहाड़िया ने आहार दिया था तो उन्होंने उस स्मृति को साझा करते हुए कहा कि मानो लगा था धरा पर स्वर्ग उतर आया हो।
रामगंजमंडी
पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर महाराज की आज समाधि हो गई उनकी आशीष, उनके चरण रज एवं उन्हें आहार देने का पुण्य लाभ लेने के लिए हर कोई आतुर रहता था। और हो भी क्यों ना इस धरा पर साक्षात गुरुदेव भगवान थे। ऐसा हीक्षण रामगंजमंडी के राजेश, शैलजा सेठी, एवम सुलोचना लुहाड़िया को 7 मार्च 2023 को जब गुरुदेव अमरकंटक की ओर विहार कर रहे थे तब उन्हें लुहारा गांव में आहारचर्या एवम चरण वंदना का पुण्य लाभ प्राप्त हुआ था। उन्होंने इस स्मृति को साझा करते हुए बताया कि जब गुरुदेव के समक्ष उनकी आशीष और उनको आहार देने का हमे अवसर मिला था तो लगा कि कोई सतिशय पुण्य हमारे उदय में आया हो।

उन्होंने कहा कि आज गुरुदेव हमारे बीच नहीं है लेकिन आज के दिन उनकी स्मृति और उनकी आशीष के पल आज स्मृति पटल पर आ गए हो।उस समय ऐसा लग रहा था साक्षात धरती पर स्वर्ग उतर आया हो। लग रहा था साक्षात ईश्वर के दर्शन हमें हो गए हैं। गुरुदेव ने हमें मंगल आशीर्वाद प्रदान किया था इन क्षणों को हम कभी भुला नहीं सकते।

गुरुदेव का तेज उगते सूर्य के समान पल्लवित हो रहा था। मन हमारा भावुक था कि आज साक्षात भगवान के दर्शन हो गए। मानो लग रहा था कि गुरुदेव हमें धर्म वृद्धि और उन्नति का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं। गुरुदेव के चरणों में हम भावभीना नमन करते है। भावना भाते है।

इस युग में हमें गुरुवर का आशीष एवं सानिध्य मिला है और हर युग में हमें ऐसे गुरुदेव का सानिध्य मिलता रहे। पूज्य गुरुवर के चरणों में कोटि-कोटि नमन निश्चित रूप से गुरुवर को सिद्धत्व की प्राप्ति हुई है।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट
