25 फरवरी की मनाया जायेगा गुरु माँ विज्ञाश्री माताजी का 30 वां दीक्षा दिवस महोत्सव
गुंसी
श्री दिगम्बर जैन सहस्रकूट विज्ञातीर्थ गुंसी (राज.) में विराजित गणिनी आर्यिका विज्ञाश्री माताजी के 30 वें दीक्षा दिवस सन्दर्भ में बैठक गुरुवार दिनांक 15 फरवरी को सम्पन्न हुई । जिसमें दीक्षा महोत्सव को लेकर विशेष बिंदुओं पर चर्चा की गई । इस आयोजन में ट्रस्ट एवं समिति के सारे पदाधिकारी मौजूद थे । जिनमें मुख्य पं. विमल बनेठा , नरेश बनेठा , महावीर पराणा , जितेन्द्र जी मारोठ वाले , प्रकाश छाबड़ा , शांतिलाल मालवीय नगर , सुनील भाणजा , योगेंद्र झिलाय , विमल जी जौला , ताराचंद जी रामनगर वाले , विनय नला वाले , महावीर छाबड़ा आदि शामिल थे ।

पूज्य माताजी ने उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को उपदेशित करते हुए कहा कि – विवेक के अभाव में सही दिशा का चयन नहीं हो सकता।
मनुष्य विवेक द्वारा ही भावनाओं के प्रवाह और अति श्रद्धा या अंध श्रद्धा से बच सकता है। विश्वास का प्रयोग अपने से कहां तक और कितना किया जाता है, इसका निश्चय विवेक बुद्धि ही कराती है। विवेक जागरूकता की कुंजी है। विवेकशीलता को ही सत्य की प्राप्ति का साधन कहा जा सकता है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
