आर्यिका विज्ञाश्री माताजी ने सुनाया मरते हुए कुत्ते को णमोकार महामन्त्र

धर्म

आर्यिका विज्ञाश्री माताजी ने सुनाया मरते हुए कुत्ते को णमोकार महामन्त्र
गुंसी

श्री दिगम्बर जैन सहस्रकूट विज्ञातीर्थ , गुंसी (राज.) में साधनारत गणिनी आर्यिका विज्ञाश्री माताजी ने दया धर्म का पालन करते हुए मरते हुए कुत्ते को णमोकार महामन्त्र सुनाकर उसे सद्गति प्राप्त करायी । पूज्य माताजी की करुणा सिर्फ मनुष्यों पर नहीं बल्कि मूक पशुओं के लिए भी देखने में आती है। स्व – पर कल्याण की भावना माताजी के रोम रोम में भरी हुई है । इसी कारण सारा जगत उन्हें वात्सल्य सरिता के नाम से जानता है ।

 

प्रवचन सभा में उपस्थित श्रद्धालुओं को दया धर्म का उपदेश देते हुए पूज्य माताजी ने कहा कि – आज के समय में फैशन के चलते मूक पशुओं को बेरहमी से मारा जाता है ।

 

 

 

उस समय इंसान यह नहीं सोचता कि इसके स्थान पर यदि हम होते तो हमें कितनी पीड़ा होती ।

 

 

 

ऐसे इंसानों के लिए तो सीधा नरक का द्वार खुल गया है। मैं सभी से कहती हूं यदि हम ऐसी चीजों का इस्तेमाल करना बंद कर दे तो ऐसी हिंसक चीजें बनना अपने आप बन्द हो जाएगी। साथ ही ऐसे मासूम बेजुबान पशु – पक्षियों की बलि पर भी रोक लग जायेगी।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *