सलूंबर में प्रारंभ हुआ चारित्र चक्रवर्ती आध्यात्मिक संस्कार शिविर
सलूंबर
प्रथमाचार्य आचार्य श्री शांति सागर जी महाराज के अक्षुण्ण मूल बाल ब्रह्मचारी पट्ट परंपरा के पंचम पट्टाधीश आचार्य शिरोमणि श्री वर्धमान सागर जी जैन बोर्डिंग सलूंबर में विराजित है ।बीसा नागदा दिगंबर जैन समाज, पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव समिति द्वारा सकल जैन समाज सलूंबर के सहयोग से दिनांक 28 दिसंबर से 4 जनवरी 2024 तक चारित्र चक्रवर्ती आध्यात्मिक संस्कार शिविर 28 दिसंबर से प्रारंभ हुआ । आचार्य श्री एवम् संघ के मुनि श्री हितेंद्र सागर जी, मुनि श्री प्रभव सागर जी, मुनि श्री चिंतन सागर जी, मुनि श्री मुमुक्षु सागर जी ,आर्यिका श्रीशुभ मति , आर्यिका श्री समर्पित मति जी , द्वारा शिविर में उपस्थित शिविरार्थियों को चारो अनुयोगों के विषयों पर सरल भाषा में उपदेश दिया गया। शिविर प्रातः एवम् दोपहर को आयोजित है
प्रभुलाल,पंडित कमलेश , देश व्रती हुकमीचंद अनुसार आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने इस अवसर पर उपदेश में बताया
सबको संस्कार शिविर के माध्यम से सरल भाषा में आपकी रुचि अनुसार चयनित विषय पर धर्म की व्याख्या की जावेंगी।

अर्थात आप श्रद्धा वान बने ,विवेकवान बने ,जो भी कार्य करें उससे पुण्य की वृद्धि हो ,पाप और हो कर्मों का नाश हो ।सरल भाषा में किस प्रकार अभिषेक करना चाहिए, इस प्रकार पूजन करना चाहिए, स्वाध्याय करना चाहिए इन सब क्रियाओं में विनय का ध्यान रखना बहुत जरुरी है इन बातों से जीवन में उन्नति होती है ।




यह उद्गार प्रथमाचार्य चारित्र चक्रवती आचार्य पद शताब्दी वर्ष 2024 से 2025 के उपलक्ष्य में आयोजित चारित्र चक्रवती आध्यात्मिक संस्कार शिविर के शुभारंभ के अवसर पर जैन बोर्डिंग सलूंबर में प्रगट किए ।

संघस्थ आर्यिका श्री महायश मति जी के जैन बोर्डिंग में केश लोचन हुए
राजेश पंचोलिया
