तुम अपने बच्चों को हाथ पकड़ कर मंदिर लेकर आओ, नहीं तो वे तुम्हें हाथ पकड़ कर वृद्धाश्रम में छोड़ आएंगे आर्षमति माताजी

धर्म

तुम अपने बच्चों को हाथ पकड़ कर मंदिर लेकर आओ, नहीं तो वे तुम्हें हाथ पकड़ कर वृद्धाश्रम में छोड़ आएंगे आर्षमति माताजी

आगरा

आगरा के शमशाबाद रोड स्थित राहुल विहार के श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन पंचायती मंदिर में 20 से 28 नवंबर के मध्य गणिनी आर्यिका श्री 105 आर्षमति माताजी ससंघ के मंगल सानिध्य में अष्टाह्निका महापर्व के अवसर पर नौ दिवसीय श्री 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ का आयोजन चल रहा है|

 

 

 

 

विधान के चौथे दिन सभी इंद्र- इंद्राणियों ने संगीतमय श्रीजी की पूजा अर्चना की| इसके बाद सभी इंद्र- इंद्राणियों ने विधानचार्य शशिकांत जैन शास्त्री एवं प्रतिष्ठाचार्य वीरेंद्र कुमार जैन शास्त्री के कुशल निर्देशन में मंत्रोच्चारण के साथ श्रीजी के समक्ष मंडप पर सिद्धों के गुणों का गुणगान कर 32 अर्घ्य बड़े ही भक्ति भाव के साथ समर्पित किए।

 

विधान में मौजूद सभी भक्तों ने संगीतकार के मधुर जैन भजनों पर सुंदर नृत्य किया|

विधान के दौरान गुरुमां ने भक्तों को मंगल प्रवचन देते हुए कहा कि जिस श्रावक का धन प्रभु भक्ति में लगता है, उसके घर में कभी व्यसन का प्रवेश नहीं हो सकता। तुम अपने बच्चों को हाथ पकड़ कर मंदिर लेकर आओ, नहीं तो वे तुम्हें हाथ पकड़ कर वृद्धाश्रम में छोड़ आएंगे।

 

 

बच्चे के भविष्य के लिए तुम जितना चिंतित रहते हो, उतना चिंतित तुम उसे धर्म के मार्ग पर लगाने के लिए भी रहो। पढ़ाई के साथ संस्कार जरूरी हैं। बिना संस्कार की पढ़ाई दुख का कारण हो सकती है। विधान के समापन पर सांय:काल में भक्तों ने श्रीजी की संगीतमय मंगल आरती की|

     

 

रात:8:30 बजे नाटयकर बाहुबली एंड पार्टी ललितपुर के कलाकारों द्वारा बहुत सुंदर नाटिका की प्रस्तुति दी|

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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