5 नवंबर 2023 को आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के दर्शन हेतु प्रधानमंत्री मोदी पधार रहे है। क्या कुछ हो सकते है इसके मायने,
डोंगरगढ़
वर्तमान में आचार्य 108 श्री विद्यासागर जी महाराज साहब छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ में स्थित चंद्रगिरी तीर्थ पर वर्षा योग हेतु विराजित हैं।
पूर्व में 2016 के भोपाल वर्षा योग भी देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी पू. गुरुदेव के दर्शन करने व शुभाआशीष लेने पधारे थे।जब वर्ष 2016 में भोपाल चातुर्मास के दौरान भी आचार्य श्री से उन्होंने काफी कुछ उद्बोधन वह मार्गदर्शन लिया था।
उस समय का क्षण था तब आचार्य श्री ने उन्हें कहा था कि “हर कार्य को हिंदी” में करने के लिए काम कीजिए साथ ही प्रत्येक देश वासी “इंडिया नहीं भारत” बोले पर भी काम कीजिए।





मोदीजी के भोपाल प्रवास के दौरान ही एक बहुत ही भावुक क्षण देखने को मिला जब वह भोपाल के हथकरधा केंद्र में साड़ियाँ बनती देख के उन्होंने यह कहा मेरी मां के लिए भी कोई साड़ी है,तब उन्होंने वहां से एक साड़ी भी अपनी माताजी के लिए ली थी। माँ की हर दम स्मृति दिल मे रखना यह विशेता दर्शाता है।
5 नवंबर की बेला में पुनः प्रधानमंत्री मोदी आचार्य श्री के चरणों में आ रहे हैं।
अभी कुछ समय से जैन संतो व समाज पर हो रहे हमलों से जैन समाज काफी असुरक्षित महसूस कर रहा है,
हाल ही में गिरनार का मुद्दा एक संत द्वारा जैन संतो के प्रति गलत टिप्पणी व अनर्गल भाषा का प्रयोग किया है उस पर भी मोदीजी को गुरुदेव कुछ संकेत दे सकते है।
अभी हाल ही में हुए ऐसे दोषपूर्ण कार्यों से जैन समाज काफी आहत है निश्चित ही ऐसे क्यास लगाये जा रहे है कि गुरुदेव कुछ उपालम्भ भरे शब्दों में मोदीजी को कह सकते है।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री श्री अमित शाह दोनों भी गुजरात से आते हैं। और अहिंसा शांति को मानने वाले हैं ऐसे में जैनों के पवित्र तीर्थ गिरनार जो कि भगवान श्री नेमिनाथजी की निर्वाण स्थली को लेकर जैन समाज के साथ खिलवाड़ क्यों ?
पूर्व में भी जैन संतो की हत्या आदि की गई उस विषय पर भी गुरुदेव के संयम मर्यादानुसार कोप का सामना मोदीजी को करना पड़ सकता है आगे क्या होगा यह आने वाला वक्त बया करेगा।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट
