इस लोकतंत्र में लोभतंत्र चल रहा है। यही लोभतंत्र देश को ले डूबेगा मुनिश्री भावसागर महाराज
घाटोल
पूज्य मुनि श्री भावसागर महाराज ने सात्विक भोजन करने की बात कही एवं उन्होंने इस पर विशेष प्रकाश डाला और खान-पान के विषय में बताया




उन्होंने कहा की जैसा हमारा खानपान का शरीर पर सीधा प्रभाव पड़ता है। उन्होंने नशीले पदार्थ से बचने एवम अभक्ष्य पदार्थ से बचने की सीख देते हुए कहा कि नशीले पदार्थ का सेवन करने से कैंसर टीबी समेत कही अनेक घातक बीमारियां होती है। अभक्ष्य पदार्थ का सेवन करने से हमें बचाना चाहिए।
बाजार में रखी हुई खुली वस्तुएं जिन पर मक्खियों भिन भिनाती है वह पदार्थ भी अभक्ष्य हो जाता है। दिमाग का कीड़ा व्यक्ति को पागल बना देता है। महाराज जी ने स्कूल शिक्षा के विषय में कहा कि स्कूल में जो शिक्षा दी जा रही है उसमें बच्चों को भक्ष्य अभक्ष्य कराना चाहिए। सात्विक भोजन ही करना चाहिए सात्विक भोजन व्यक्ति को स्वस्थ, बुद्धिमान, और न्याय प्रिय वह धार्मिक बनाता है।
तामसिक भोजन के विषय में बताते हुए कहा कि ऐसा भोजन तामसिक बुद्धि को पैदा करता है। और वह व्यक्ति को झगड़ालू एवं व्यभिचारी बनाता हैं।
देश में सात्विक वृद्धि का नेता होना चाहिए
महाराज श्री ने कहा कि शाकाहारी भोजन को सात्विक भोजन कहा जाता है। देश की सुख समृद्धि के लिए तामसिक नहीं सात्विक वृति का नेता चाहिए। उन्होंने इस बात पर भी ध्यान दिलाया कि दूसरों की टांग खींचकर गिराने वाले नेता देश के कर्णधार नहीं बन सकते हैं। एक उदाहरण के माध्यम से बताया कि जैसे दवाई एक्सपायरी डेट होती है, वैसे ही प्रत्येक खाद्य पदार्थ की एक्सपायरी डेट स्वीकार की गई है। उन्होंने बताया कि समय सीमा के उल्लंघन होने पर भक्ष्य पदार्थ भी अभक्ष्य हो जाते है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि इस लोकतंत्र में लोभतंत्र चल रहा है। यही लोभतंत्र देश को ले डूबेगा।
क्योंकि धन के लोभ में शराब आदि के व्यापार से प्राप्त हुआ धन अन्याय का धन कहलाता है। इससे देश की प्रजा अन्य अनीति और दारु खोरी पर उतारू हो रही है। उन्होंने कहा कि हमें इन सब से बचने के लिए अहिंसक भावनाएं पैदा करनी चाहिए। न्याय नीति से ही कार्य करने चाहिए। न्याय नीति से किए गए कार्य सफल होते हैं। अन्याय अनीति से किए गए कार्य विफल होते है। इसीलिए हमें न्याय नीति से धन उपार्जन करना चाहिए, और कर्तव्य निष्ठ बनकर श्रम करना चाहिए। न्याय नीति से किया गया कार्य व्यक्ति को कर्तव्य निष्ठ बनाता है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
