श्री योगेंद्रगिरी तीर्थ क्षेत्र पर जैन दर्शन के द्वय महाऋषि आचार्य श्री कनक नदी गुरुदेव एवं आचार्य श्री चंद्र सागर गुरुदेव का हुआ आत्मीय मिलन
सागवाड़ा
आज दिनांक 5 अक्टूबर सन 2023 को प्रातः 7:30 बजे स्वाध्याय तपस्वी महाज्ञानी संत आचार्य श्री कनकनंदी जी गुरुराज व वात्सल्य मूर्ति आचार्य श्री चंद्रसागर जी गुरुदेव संघ का महामिलन हुआ
इस महा मिलन के ऐतिहासिक क्षणों में पूज्य आचार्य श्री कनकनंदी जी गुरुदेव ने साधर्मी साधकों को देखते ही स्वागत स्वागत उदबोधन पूर्वक आत्मीय अभिनंदन किया। यह महा मिलन ऐतिहासिक हो गया।ऐसा अलौकिक क्षण देखने को मिला जो विनय संपन्नता को दर्शा रहा था।

वात्सल्यता के साथ ज्ञान के दो नक्षत्र अपनी आभा बिखेर रहे थे
शाह मधोक जैन चितरी ने बताया की आचार्य श्री चंद्रसागर जी महाराज ने सर्वप्रथम गवासन में बैठकर अपने अग्रज आचार्य श्री कनकनंदी जी को नमोस्तु करते हुए श्रेष्ठ विनय किया। यह आपने आप में एक ऐतिहासिक क्षण कहे जा सकते हैं।
दोनो आचार्य भगवंत के आपसी स्नेह,सम्मान,विनय व वात्सलय ने जन जन को अभिभूत कर दिया।
हमारी मां जिनवाणी है आचार्य श्री कनकनदी गुरुदेव

इस अवसर पर आचार्य श्री कनक नंदी जी गुरुदेव ने समस्त साधकों को हितोपदेश देते हुए कहा की हमारी मा जिनवाणी है,पिता वीतरागी जिनेद्र भगवान है, और मोक्ष में हमारा मंदिर है।इसलिए हम समस्त उनकी संतान आपस में बंधुजन है, हम सब एक है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
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