तपस्वी कविता सरवाडिया ने गरीब बच्चों को स्टेशनरी वितरित करके मनाया अपना जन्मदिन
रामगंजमंडी
हाल ही में 10 लक्षण पर्व संपन्न हो चुके हैं एवं क्षमा पर्व भी समाप्त हो चुका है। 10 लक्षण पर्व की बेला में श्रीमती कविता सरवाडिया धर्मपत्नी कामेश सरवाड़िया ने पांच उपवास की तप साधना की विगत वर्ष भी इनके द्वारा तीन उपवास की तप साधना की गई थी।
आज वह अपना जन्मदिन मना रही है। अपने जन्मदिन को एक अविस्मरणीय जन्मदिन मना रही है

घूमने शौक मस्ती आदि में न रहकर उन्होंने सर्वप्रथम जिन मंदिर पहुंचकर श्री जी का अभिषेक देखा एवं नित्य नियम पूजन किया नित्य नियम पूजन के उपरांत वह गरीब बच्चों के बीच जाकर उनके साथ अपनी खुशियां बाटेगी और उन्हें भी अपनी खुशी में शामिल कर उन्हें स्टेशनरी वितरित करेंगी।

मिली जानकारी अनुसार वह केक आदि न काटकर पाश्चात्य संस्कृति के विपरीत भारतीय संस्कृति का परिचय देंगी एवं अपने जन्मदिन पर सभी के साथ रहकर भक्ति गीत मंदिर में गाए जाएंगे।


क्यों हम भौतिकता में पड़े हुए हैं हमें सोचना चाहिए और हमें हमारी संस्कृति सभ्यता के साथ चलना चाहिए ऐसा ही उदाहरण श्रीमती कविता सरवाड़ीया ने दिया। उनके कार्य की हमें अनुमोदना करना चाहिए।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
