तपस्वीयो के सम्मान के साथ परस्पर क्षमायाचना कर क्षमा वाणी पर्व मनाया गया
रामगंजमंडी
शनिवार की बेला में श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में क्षमावाणी पर्व मनाया गया इसमें सर्वप्रथम श्री जी का अभिषेक पूजन एवं शांति धारा की गई उसके बाद श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन समाज रामगंज मंडी द्वारा उत्कृष्ट तपस्या करने वालों का सम्मान किया गया जिसमें 16 कारण तप आराधना जिसमें एक उपवास एक आहार 16 आहार और 16 व्रत करने हेतु श्रीमान नीरज जैन खानपुर वाले, श्रीमती रीनू विनायका धर्मपत्नी श्रीमती जितेंद्र विनायका, पांच उपवास की तप आराधना करने के लिए कृष्णन मित्तल, कविता सरवाडीया धर्मपत्नी श्री कामेश सरवाडीया का स्वागत सम्मान किया गया।

अन्य तपस्याएं भी हुई उनका भी सम्मान किया गया जिसमें श्रीमती टीना काला धर्मपत्नी श्रीमान मुकेश काला, श्रीमती मनोरमा बाकलीवाल धर्मपत्नी श्रीमान सुशील बाकलीवाल, श्रीमान आदिश बाबरिया, देवेंद्र टोंग्या, सीमा बाबरिया का स्वागत सम्मान किया गया।

श्रीमान सिद्धार्थ पूजा बाबरिया द्वारा रत्नत्रय के तीन उपवास की तप आराधना इन दोनों युगल द्वारा की गई। इसके साथ सिद्धार्थ बाबरिया ने 10 लक्षण पर्व पर समस्त प्रकार के अन्न का त्याग किया इस हेतु उनका भी अभिनंदन किया गया। एवम श्रीमती मीनाक्षी टोंग्या धर्मपत्नी देवेंद्र टोंग्या, सार्थक जिंदल के द्वारा तीन उपवास की तप आराधना की इस हेतु उनका भी अभिनंदन किया गया।

वही तप आराधना भी बच्चे भी कुछ पीछे नहीं रहे और सभी ने 10 लक्षण पर्व के अनंत चतुर्दशी पर एक-एक उपवास की साधना की जिसमें सुश्री आरवी सबदरा, अर्णव सिंघल, नयांश बाबरिया, आराध्य वेद, विवान सुरलाया, रचित ठाई, सिद्धाश काला, पुनीत बाकलीवाल, हार्दिक कटारिया, प्रीती सिंघल, अमिषि शाह का सम्मान किया गया। इसके बाद पूज्य ऐलक 105 श्री क्षीरसागर महाराज के द्वारा शांति धारा का उच्चारण किया गया। इस अवसर पर श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन पाठशाला के मंगल कलश स्थापना करने का सौभाग्य श्रीमान कैलाश चंद जगदीश चंद्र सिंघल को प्राप्त हुआ। 16कारण की माला का सौभाग्य श्रीमान भगवान स्वरूप पदम कुमार खानपुर वाले को प्राप्त हुआ रत्नत्रय की माला का सौभाग्य पदम कुमार संजय कुमार मित्तल को प्राप्त हुआ।

इस अवसर पर सर्वप्रथम समाज के अध्यक्ष श्रीमान दिलीप कुमार विनायका ने सर्वप्रथम महाराज श्री से समाज की ओर से क्षमा याचना की एवं उत्कृष्ट सेवा देने वालों का धन्यवाद प्रस्तुत किया और सभी समाज बंधुओ से क्षमा याचना की। उन्होंने समस्त मीडिया जगत का भी धन्यवाद प्रेषित किया।

इसके बाद श्री जी के समक्ष सभी ने आलोचना पाठ करते हुए भगवान से क्षमा याचना की उसके उपरांत सभी ने एक दूसरे को चरण स्पर्श करते हुए एवम गले मिलते हुए वर्ष भर में हुई ज्ञात अज्ञात भूलो के लिए क्षमा याचना की। इस अवसर पर उत्कृष्ट सेवा देने के लिए स्वाध्याय का पठन-पाठन कराने के लिए प्रशांत जैन आचार्य का स्वागत किया गया वह धर्म प्रभावना एवं प्रचार प्रसार के लिए अभिषेक जैन लुहाड़िया का भी अभिनंदन किया गया। समारोह का कुशल संचालन राजकुमार गंगवाल द्वारा किया गया।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट
