दुनिया से छल कपट कर लेना भगवान से जिंदगी में छल कपट मत करना। सुधासागर महाराज
आगरा
निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव 108 श्री सुधासागर महाराज ने प्रवचन मे कहा .इज्जत वान की कभी बेइज्जती हो ही नहीं सकतीं जिसकी कोई इज्जत नहीं है वह झूठी इज्जत में शान समझता है उसी की बेइज्जती होती है अनंतानुबंधी कषाय में व्यक्ति अपने माता-पिता को भी धोखा दे देता है यहां तक कि भगवान को भी धोखा दे देता है।
उन्होंने कहा ये बास की जड़ के समान वक्र है इनका कल्याण नहीं हो सकता दुनिया से छल कपट कर लेना भगवान से जिंदगी में छल कपट मत करना।यदि आपका मन अभिषेक पूजन में नहीं लग रहा तो समझ लेना कि ये उच्च कुल आपको भीख में मिला है। इस कलयुग में धर्म ध्यान करने वालो को जो चाहोगे वो मिलेगा



और इस शिविर में रहने वालो जो मांगेंगे वह मिलेगा आप मुझे भी मांगोगे तो मैं भी मिलूंगा। मैं इस तपस्या से कुछ नहीं मांगूंगा मांगने वाले भिखारी कहलाते हैं और जो मिलता है वह भेंट कहलाती है। मुझे कुछ नहीं मांगना वह तो अपने आप मिलेगा।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
