आचार्य श्री विद्यासागर महाराज का कथन हर कार्य हिंदी में हो हिंदी दिवस पर विशेष
हर देश की एक प्रमुख भाषा होती है हमारे भारत देश की मातृभाषा हिंदी है, लेकिन विपरीत्ता यह है कि आज भी सारे सरकारी कार्यअंग्रेजी भाषा में होते हैं। जो इस मातृभाषा की सार्थकता को सिद्ध नहीं कर पाता है ।
पूज्य गुरुदेव कहते है कि हिंदी लेखन में बहुत बड़ी सार्थकता है यह बहुत ऊर्जावान भाषा है गुरुदेव का कथन है कि हम इंडिया बोलते आए हैं, इंडिया बोलने से देश की उन्नति और प्रगति बाधक होती है ठीक उसी तरह से अंग्रेजी आदि भाषाओं में कार्य करने से देश के विकास की गति रुक सकती है इसीलिए हर कार्य हिंदी में होना चाहिए।

रामगंजमंडी।
दिनांक 14 एवं 15 सितंबर को रामगंज मंडी की होटल महाराजा पैलेस में सुबह 11:00 बजे से रात्रि 8:00 बजे तक मुंबई एवं कोलकाता की एनटिक ज्वेलरी एवं सर्टिफाइड डायमंड ज्वेलरी की एग्जीबिशन एवं सेल कोटा की मशहूर ज्वेलर्स पारस ज्वैलर्स के द्वारा लगाई जा रही है। अधिक जानकारी के लिए निम्न नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं। 9414180123,9414126451
तभी हिंदी दिवस मनाना हमारा सार्थक होगा आज हिंदी दिवस पर हम सभी प्रण लें कि हम हर कार्य को हिंदी भाषा में करने का प्रयास करेंगे। सरकार को भी इस ओर कदम उठाना चाहिए कि हर कार्य हिंदी में हो।

गुरुदेव कहते हैं की हिंदी भाषा का सम्मान यदि होता है तो वह राष्ट्र का सम्मान होता है ।
हिंदी विश्व की एकमात्र भाषा है जो अ शब्द यानी अनपढ़ से शुरू होकर ज्ञ शब्द यानी जो इसका प्रयोग करता है उसे ज्ञानी बनाकर छोडती है।

अंग्रेजी A एप्पल से शुरू होकर और z जेब्रा पर अंत होकर यानी की जानवर बनाकर छोड़ती है। गुरुदेव कहते हैं की राख की नीव पर निर्माण फिर भी संभव है किंतु किसी विदेशी भाषा की नीव पर राष्ट्र का निर्माण असंभव है।

इस विषय पर यही कहा जाएगा हिंदी हमारा गौरव गान है।
इससे मेरा भारत महान है।
हिंदी को अपनाना यही हमारा मान है।
तभी हम कह सकेंगे मेरा भारत महान है।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
