आचार्य श्री विमर्श महाराज की जन्म भूमि जतारा में रामगंजमंडी के भक्तों को आचार्य श्री की आहार चर्या एवं चरण वंदना का लाभ मिला
रामगंजमंडी
जीवन है पानी की बूंद के भजन के मूल रचयिता आचार्य श्री विमर्श सागर जी महाराज की जन्मभूमि जतारा में रामगंजमंडी राजस्थान के भक्तों को आचार्य श्री 108 विमर्श सागर महाराज की आहारचर्या एवं चरण वंदना का पुण्य लाभ प्राप्त हुआ। यह स्थान मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में स्थित है।
पूज्य आचार्य श्री 108 विमर्श सागर जी महाराज का वर्षा योग रामगंजमंडी में वर्ष 2004 में संपन्न हुआ था उसके बाद से रामगंजमंडी के भक्त जन प्रति वर्ष पूज्य गुरुदेव के पास जाकर उनका आशीष प्राप्त करते हैं। पूज्य गुरुदेव का मंगल आशीर्वाद सदैव रामगंजमंडी वासियों पर है। इस समूह में रामगंजमंडी के रमेश विनायका, महावीर जैन, सुलोचना लुहाडिया, ललिता विनायका, अनीता जैन,
शांतिलाल मित्तल, शकुंतला मित्तल, दिलीप विनायका परिवार के साथ शामगढ़ से शलभ जैन, खुशबू जैन, आदि जैन, मीठी जैन आदि उपस्थित रहे। पूज्य गुरुदेव मधुर मुस्कान के साथ समस्त रामगंजमंडी वासियों को मंगल आशीर्वाद प्रदान किया।

रामगंज मंडी की नगर वासियों के चेहरे पर आहार निर्विघ्न संपन्न होने के बाद एक अलौकिक मुस्कान नजर आ रही थी।

रामगंजमंडी नगर के भक्त समूह ने विगत 2 दिन वहां रहकर अपने को संत सेवा में समर्पित किया वह धर्म लाभ प्राप्त किया। इन्हें विगत 2 दिनों में पांच संतो के आहार कराने का पुण्य लाभ प्राप्त हुआ
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट

