रामगंजमंडी के इतिहास के स्वर्णिम पन्नो पर अंकित है 18 जुलाई 1991 तपस्वी सम्राट आचार्य श्री 108 सन्मति सागर जी महाराज का वर्षायोग हेतु हुआ था मंगल आगमन
रामगंजमंडी
कही ऐसे क्षण हुआ करते है जो दुर्लभ क्षण होते है ऐसे ही दुर्लभ क्षण बहुमूल्य समागम की स्मृति को हम सांझा कर रहे है

रामगंजमंडी राजस्थान जिला कोटा के इतिहास के पन्नो पर 18 जुलाई 1991 स्वर्णिम अक्षरों मे जानी जाती है और लिखी गयी है जी हां 18जुलाई 1991 की संध्या की बेला समस्त नगर मे तोरण द्वारा जिनधर्म की ध्वजा पताका लहरा रही थी शत शत नमन कोटि कोटि नमन से अटा था यह पल थे त्याग तपस्वी समता साधक तपस्वी सम्राट आचार्य श्री 108 सन्मति सागर जी महाराज के वर्षायोग हेतु मंगल आगमन के कहते है जब शुभ का संकेत होता है और महान आत्मा का जब आगमन होता है तो देवता भी हर्षित होते है ऐसा ही क्षण था उस दिन रामगंजमंडी की धरा पर काली घटाए इस द्रश्य को देख रही थी स्वागत को आतुर थी महाराज श्री का संघ रामगंजमंडी नगर आगमन होता है इन्द्र देव जमकर बरसे और लग रहा मानो ख़ुशी से झूमते हुए नृत्य कर रहे हो पूरे नगर मे जमकर बारिश वातावरण को शीतलता दे रही थी
यह समागम रामगंजमंडी नगर के लिए एक दुर्लभ समागम ही रहा आचार्य श्री नगर का चातुर्मास अपने सर्वोतम चातुर्मास मे एक बताते थे रामगंजमंडी नगर मे जो वर्षायोग मे प्रभावना हुयी और जो कुशलता से सम्पन्न हूआ उसे आचार्य भगवन ने अपने सर्वोतम चातुर्मास मे एक कहते थे जों नगर के लिए किसी गौरव से कम नहीं कहा जा सकता

तप साधना गुरुदेव की साधना को मुझे नजदीक से देखने को मिला जो मेरे लिये किसी पुण्य से कम नहीं एक छोटे से पटिये पर घंटो साधना करना उसी पर विश्राम करना सचमुच कोई बिरला साधक ही कर सकता है


आजीवन अन्न त्याग आपका आजीवन अन्न का त्याग रहा और एक आहार एक उपवास की साधना करते थे वही जीवन के अंतिम क्षणो मे तो केवल छाछ और पानी लिया करते थे धन्य है ऐसे साधक वात्सल्य की प्रतिमूर्ति रामगंजमंडी नगर पर उनका आशीष निरंतर रहा जब नगर वासी उंनके दर्शन को जाता वह मुस्कान देते और आशीष प्रदान करते और श्रेष्ठी जनो से नगर के वर्षायोग की सराहना करते है तुम विश्व धर्म के सूरज हो तप त्याग की अद्भुत मूरत हो है धन्य धन्य महिमा तेरी तम हरने वाले सूरज हो नगर के गौरव का क्षण कहा जा सकता है ऐसे संत का समागम हमे मिला 32 वर्षः बीत जाने के बाद भी उनकी स्मृति नगर वासियों के अतस मे अविस्मर्णीय है
एक रिपोर्ट अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमंडी
