जैन समाज व जैन संतो के साथ हो रहे असहनीय पीड़ादायक कार्यों को लेकर रामगंज मंडी के नितिन जैन सबदरा रामगंजमंडी ने असहनीय पीड़ा व्यक्त की

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जैन समाज व जैन संतो के साथ हो रहे असहनीय पीड़ादायक कार्यों को लेकर रामगंज मंडी के नितिन जैन सबदरा रामगंजमंडी ने असहनीय पीड़ा व्यक्त की

आज अहिंसक जैन समाज एवं जैन संतो के साथ निर्मम कृत्य हो रहे जबरन तीर्थ क्षेत्रों पर कब्जे हो रहे हैं इसको लेकर रामगंज मंडी के धर्मनिष्ट श्रावक नितिन जैन सबदरा ने अपनी पीड़ा व्यक्ति की।

 

 

श्री नितिन जैन सबदरा ने पत्र के माध्यम से उनके मन के अंदर वर्तमान की परिपेक्ष में हो रही घटनाओं को लेकर रोष प्रकट करते हुए अपना पत्र भी सार्वजनिक किया है उन्होंने इस पत्र में लिखा की है कि जैन संत की निर्मम हत्या की गई है, और जबरन जैन तीर्थ क्षेत्रों पर कब्जा किया जा रहा है। उससे समस्त जैन समाज में भारी रोष है एवं समस्त जैन समाज असहनीय पीड़ा से गुजर रहा है।जैन समाज एक अहिंसक समाज है जहाँ पर एक चीटी को भी चोट नही दी जाती है। एवम ना ही किसी को भी हिंसा के प्रेरणा देता है शांतिप्रिय समाज शांति से रहकर दान के क्षेत्र मे धर्म के क्षेत्र में, समाज सेवा के क्षेत्र में, जीव दया गौसेवा अन्य भी कोई भी आपदा विपदा अन्य किसी भीसमाज एवं जनता के ऊपर आती है।
जैन समाज हमेशा से ही बढ़ चढ़करसहयोग करता आया है लेकिन आजकल देखने में ये आता है कि जैन समाज के वोटो की संख्या कम होने से कोई भी सरकार जैन समाज को लेकर कोई बात करने से डरती है लेकिन ये पता होना चाहिए की चीटी छोटी होती है लेकिन वह हाथी को भी परेशान कर सकती है

 

 

इसलिए सभी सरकारों से हाथ जोड़कर निवेदन है कि वह जैनों को वोटो के रूप में नहीं जानकर शांतिप्रिय समाज के रूप में जाने समाज को परेशान करने वालों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करें। ताकि कोई भी समाजकंटक किसी को परेशान करने के बारे में हजार बार सोचे। क्योंकि मरने के बाद वहा जाना है। जहां जातिवाद नहीं है।

कर्म वाद है जो जैसा कर्म करेगा उसे वैसा ही फल मिलेगा उन्होंने अपील की जैन समाज की भावनाओं का सम्मान करना सरकारों का दायित्व है और उन्हें अपने कर्तव्यों का निर्वाहन बिना किसी भेदभाव के करना चाहिए ताकि एक स्वच्छ समाज का निर्माण हो सके।

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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