सम्यक ज्ञान सहित रत्नत्रय सिद्धालय मार्ग का प्रदर्शक हैआचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज

धर्म

सम्यक ज्ञान सहित रत्नत्रय सिद्धालय मार्ग का प्रदर्शक हैआचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज
उदयपुर

रोशनी प्रकाश को प्राप्त करके जगत के सब प्राणी अंधकार से बाहर निकलते हैं, इसी प्रकार अज्ञान रूपी अंधकार को ज्ञान रूपी प्रकाश के सहारे, हम अज्ञान रूपीअंधेरे से बाहर निकल सकते हैं ।अधिक रोशनी का हैलोजन ब्राह्य जगत के पदार्थों को रोशनी देता है ,जबकि देव शास्त्र,गुरु,धर्म,ज्ञान रूपी दीपक अंतरंग को प्रकाशित करता है।

 

ब्रह्मचारी गजू भैय्या,पारस चितोड़ा राजेश पंचोलिया अनुसार
आचार्य श्री ने प्रवचन में आगे बताया कि तीर्थंकर सहित सभी प्राणी अनादिकाल से तीनों लोक में चारों गतियो में भ्रमण कर रहे हैं सभी प्राणी अज्ञान रूपी अंधकार में जी रहे हैं ,बाहर निकलने का पुरुषार्थ नहीं करते ।तीर्थंकरों ने भी जगत में भ्रमण किया ,जब उन्हें तत्वज्ञान प्रकट हुआ तब उन्होंने भ्रमण से छुटकारा पाकर पुरुषार्थ कर तत्व ज्ञान को प्राप्त किया । तत्व की प्राप्ति से ज्ञान रूपी दीपक प्रकाशित करने की शक्ति सामर्थ्य प्राप्त होगी। ज्ञान तीसरा नेत्र है जिस प्रकार वृक्ष की जड़े मजबूत होती है तो वह तूफान को भी झेल लेता है उसी प्रकार जो सम्यक दर्शन सम्यक ज्ञान सम्यक चारित्र के प्रति दृढ़ होता है उसका भी तूफान कुछ नहीं कर सकता ।

 

 

आचार्य श्री ने बताया कि आप जगत में भ्रमण कर अनेक भव में शरीर रूपी मकान बदलते रहते हैं किंतु सिद्धालय एक ऐसा सास्वत मकान है जो कभी नष्ट नहीं होता इसे आप ज्ञान के बल पर देव शास्त्र गुरु धर्म का पुरुषार्थ कर प्राप्त कर सकते हैं ज्ञान को आचार्य श्री ने सूर्य दीपक प्रकाश निरूपित करते हुए अज्ञान अंधकार को दूर करने में समर्थ बताया ज्ञान पथ प्रदर्शक है आज मानव में नैतिकता और मानवता कम हो रही है।

 

आचार्य शिरोमणि आचार्य श्री वात्सल्य वारिधि पंचम पट्टाधीश श्री वर्धमान सागर जी के 34 वे आचार्य पदारोहण होने के उपलक्ष्य में सकल दिगंबर जैन समाज द्वारा बीसा हूमड़ भवन में 6 दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसके प्रथम दिवस प्रातकाल के मंगल बेला में आचार्य श्री का चरण प्रक्षालन एवं पूजन किया गया इसके पश्चात आचार्य श्री ने नगर के मंदिरों में दर्शन कर पंचामृत अभिषेक देखा ।

 

आचार्य शिरोमणी श्री वर्धमान सागर जी संघ सहित पंडाल में विराजित हुए इसके पूर्व झंडारोहण सुरेश कुमार राजकुमार पद्मावत परिवार ,मंगल कलश स्थापना शांतिलाल जी विजयलाल जी वेलावत परिवार आचार्य श्री के पाद प्रक्षालन जय कुमार जी कारवा परिवार ,शास्त्र भेंट चांदमल गौरव गनोडिया परिवार द्वारा किया गया। आचार्य श्री के प्रति विनयांजलि किरण दीदी, समरकंठाली,आरती सनत जैन इंदौर, जय कारवा ,सुरेश मारोरा, डा महेश , नाथू लाल जी उदयपुर नरेश विश्व राज सिंह,रविंद्र श्रीमाली,एवम आर्यिका श्री वत्सल मति जी ने व्यक्त की। शांति लाल वेलावत सुरेश पदमावत ने बताया कि आज के मुख्य अतिथि उदयपुर के महाराज कुमार विश्वराज सिंह एवं रविंद्र श्रीमाली अध्यक्ष भाजपा उदयपुरकी गौरव मय उपस्तिथि रही। सकल दिगंबर जैन समाज द्वारा बीसा हूमड़ भवन में चातुर्मास स्थापना हेतु श्रीफल भेट कर निवेदन किया गया।

 

 

दोपहर को आचार्य वर्धमान सागर विधान 34 मंडल की पूजन सौधर्म इन्द्र जय कुमार कारवा महायज्ञ नायक विजय लाल जी वेलावत सवीना तथा अन्य इन्द्र परिवार द्वारा भक्ति भाव पूर्वक की गई।संचालन प्रकाश सिंघवी द्वारा किया गया।शाम को आचार्य श्री महा आरती की गई।

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *