माता पिता का दिल जीत लो कामयाब हो जाओगे विकम्या श्री माताजी
बांसवाड़ा
बाहुबली कॉलोनी जैन मंदिर स्थित परिसर में ज्ञान संस्कार शिविर के तीसरे दिन पूज्य आचार्य श्री 108 विराग सागर महाराज की परम शिष्या आर्यिका रत्न 105 विकम्या श्री माताजी सानिध्य में शिविर में बच्चों को ध्यान प्राणायाम की जानकारी दी।
सभी बच्चों द्वारा अभिषेक पूजा अर्चना उपरांत कुछ बच्चों के द्वारा अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए किसी ने चित्रों के माध्यम से मां की श्रेष्ठता को प्रदर्शित कर मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस अवसर पर गुरु मां ने बताया कि सभी वेद और शास्त्रों में कहा गया है कि माता-पिता की पूजा परमात्मा के तुल्य है। मां-बाप का दिल जीत लो कामयाब हो जाओगे वरना सारी दुनिया जीत कर भी हार जाओगे, बच्चों की आदर्श शिक्षक मां होती है जो बच्चों को संस्कृत करके उच्च शिखर पर पहुंचा देती है मां का फर्ज होता है बच्चों को ज्ञान अर्जित कराना ओशो संस्कार देना। मां बच्चों के लिए सब कुछ सहन करके भी बच्चों को एक आदर्श बनाने में त्याग तपस्या की साधना करती है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
