जिंदगी में सबसे बड़ा पापी वह है जो अपनी जिंदगी को मिटाना चाहता है मुनि श्री सुधा सागर महाराज
झांसी
निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव108 श्री सुधासागर महाराज ने प्रवचन मे कहा की-जो अपनी जिंदगी,शरीर से दुखी, किस्मत से दुखी उसका कोई ईलाज नही है।
उन्होंने कहा जिंदगी मे सबसे बड़ा पापी वो है जो अपनी जिंदगी मिटाना चाहता है।जो अपनी जिंदगी स्वयं समाप्त करता है। जो व्यक्ति आत्महत्या करता है वो व्यक्ति जन्म जन्मांतर आहार अभिषेक के योग्य नही रहता है।
पूज्य श्री ने कहा जिंदगी से उबना नही, जिंदगी से खुश रहना हैं।ऐसे लोगों की अपवर्तन आयु होती है जब तक जिंदा रहते हैं तब तक उनके घर में कोई मृत्यु नहीं होगी।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
