तपस्वी सम्राट के लघुनंदनो द्वारा धर्म नगरी चितरी में महत्ती धर्म प्रभावना
चितरी
विद्यावाचस्पति आचार्य श्री सुविधिसागर जी गुरुराज की सुशिष्या आर्यिका श्री सुनिधिमती माताजी व आचार्य श्री सुंदरसागर जी गुरुराज के सुशिष्या आर्यिका श्री सुनयमति माताजी,आर्यिका श्री समयमति माताजी व क्षुल्लक श्री सुपर्व सागर जी गुरु भगवंतो के संघ सानिध्य में नगरी चितरी में महत्ती धर्म प्रभावना हो रही है।।
शाह मधोक जैन चितरी ने बताया की प्रातः की बेला में द्वय आर्यिका श्री संघ सानिध्य में अभिषेक भक्ति,दोपहर स्वाध्याय में शांति भक्ति भावार्थ,संध्या स्वाध्याय प्रवचन महावीराष्टक भावार्थ एवम क्षुल्लक 105 श्री सुपर्व सागर जी द्वारा समाज के युवाओं की उपस्थिति में आराधना -आराधक विषय पर स्वाध्याय चर्चा होती है। इसके साथ ही कार्यक्रम के अंत में स्वाध्याय विषय के अन्तर्गत नित्य प्रश्नमंच होता है जिसमे उचित उत्तर देने वाले श्रावको को पुरुस्कार भी दिया जाता है।
मधोक जैन ने बताया की अत्यंत सादगी,सहजता,सरलता,समता व निस्पृहता से परिपूर्ण द्वय संघ अपने गुरुओं व धर्म का गौरव बढ़ाते हुए श्रावको में मां जिनवाणी का प्रचार कर रहे है।
द्वय आर्यिका श्री संघ में किसी प्रकार का कोई प्रपंच याचना नही है,आगम के अच्छे विद्वान है और ओजस्वी भाषा शैली से धर्म की बहुत अच्छी प्रभावना कर रहे है।*
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
