कभी किसी का शरीर देखकर उसकी आलोचना व व्यंग्य नही करना चाहिए मुनि श्री

धर्म

कभी किसी का शरीर देखकर उसकी आलोचना व व्यंग्य नही करना चाहिए मुनि श्री
विदिशा
पूज्य मुनि श्री 108संकल्पसागर महाराज ने अपने उद्बोधन अच्छे कर्म करने की सीख दी उन्होंने कहा की बिना अच्छे कर्म किये स्वर्ग सुख नहीं मिलता,

आगे कहा जो भी व्यक्ति भगवान की एवं गुरूओं की भक्ती करता है उसे सुंदर शरीर की प्राप्ती तो होती ही है, साथ ही उनकी वाणी में ओज होता है,वही काले कर्म करने से काला दुर्गंध युक्त एवं विकलांग शरीर मिलता है, रास्ते में देखो तो पुण्य कर्म से मानव शरीर तो मिल गया लेकिन या तो वह विकलांग है या फिर कोढ़ी है, भीख मांगते नरक जैसा जीवन जीते यातनाएँ सहते आपको देखने मिल जाऐंगे।

 

 

 

 

 

जानकारी देते हुए अविनाश जैन विदिशा ने बताया की मुनि श्री ने इस बात पर भी जोर दिया की कभी भी किसी का शरीर देखकर उसकी आलोचना या हास्य व्यंग नहीं करना चाहिये, वह तो अपने किये कर्म को भोग रहा है,आप उसकी आलोचना या हास्य व्यंग्य करके अपने कर्म वांधते हो।

उन्होंने शास्त्रोक्त कथानक सुनाते हुये कहा महासति मैना सुंदरी के पति राजा श्रीपाल बहुत सुंदर शरीर के मालिक थे उन्होंने कषाय बस घमंड में आकर दिगम्वर मुनिराज पर कचरा डाला जिसके कारण उनको दुर्गन्ध युक्त शरीर के साथ कोढ़ी शरीर मिला और जिन 700 लोगों ने उनके इस कार्य की अनुमोदना की थी उन सभी के कर्म बंधे, और सामुहिक पाप के रुप में डंड भोगना पड़ा था।

इस अवसर पर मुनि श्री सदभाव सागर जी महाराज ने स्वरुप सम्बोधन ग्रंथ की वाचना करते हुये कहा कि क्रोध में व्यक्ति दूसरे की हानी नहीं करता ब बल्कि स्वं की ही हानी करता है,उन्होंने कहा कि कर्म जैसा इमानदार प्राणी इस जगत में नहीं है,जैसा कर्म करोगे वैसा ही फल आपको मिलेगा यदि कोई व्यक्ति मुनिराज की निंदा कर रहा है तो उससे मुनिराज को तो फर्क पड़ने बाला नहीं है, लेकिन आपके कर्म अवश्य बंध जाते है और उसका फल उस आत्मा को ही भोगना पड़ते है। उन्होंने धर्म के फल की व्याख्या करते हुये कहा कि पवित्र कर्म से पुण्य बढ़ता है पुण्य से ही उत्तम कुल और सुंदर शरीर के साथ श्री की प्राप्ती होती है। उन्होंने कहा कि जिनेन्द्र भगवान की देशना से सम्यक् ज्ञान और सम्यक् चारित्र की प्राप्ति होती है, वही मिथ्याज्ञान और मिथ्याचारित्र से व्यक्ति कुमार्ग पर चलकर संसार में भटकता रहता है।

 

उपरोक्त जानकारी देते हुये प्रवक्ता अविनाश जैन ने बताया मुनि संघ के प्रवचन प्रातः8-15 से श्री दि. जैन मंदिर अरिहंत विहार में चल रहे है।तथा दौपहर में3 बजे से समयसार की कक्षा चल रही है।

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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