महरौनी की पोजीशन यशोदय तीर्थ से बनेगी–मुनि पुंगव श्रीसुधासागर महाराज

धर्म

महरौनी की पोजीशन यशोदय तीर्थ से बनेगी–मुनि पुंगव श्रीसुधासागर महाराज

महरौनी-

– हीन शक्तियों से पोजिशन नहीं बनती पोजिशन बनती है महान आत्माओं से उनके पवित्र स्थान से उनकी साधना तपस्या,संगति से।

 

 

पूज्य मुनि श्री सुधा सागर महाराज ने महरौनी के विषय में बोलते हुए कहा कि महरौनी की पोजीशन यशोदयतीर्थ से बनेगी। आगे बोलते हुए कहा कि जब भी यहां आ रहा था तो लोगों का कहना था कि टीकमगढ़ से, ललितपुर से भी अच्छी अगवानी हुई। भगवान की दृष्टि में गुरु की नजर में तुम्हारी पोजीशन बनेगी तो यशोदय तीर्थ क्षेत्र से बनेगी। जहां दुनियाभर से भक्त आकर भगवान को ढोक देगे।

 

 

महरौनी की तारीफ करते हुए कहा कि आज महरौनी में गुरु के आगमन से पोजिशन बन रही है। पंच कल्याणक महा महोत्सव से आज टीकमगढ़ की पोजिशन बन गई जिसे आप महसूस कर रहे हैं। आज पपौरा तीर्थ क्षेत्र को देख लो कैसे श्रावक रहें होंगे जिन्होंने एक सौ आठ मन्दिरो का निर्माण कराया कुंडलपुर के बड़े बाबा को देखो विठाया जहां लाखों लाख भक्त पहुंच कर भगवान को ढोक देते हैं। हमें ऐसा पोज बनना है कि सारी दुनिया यशोदय तीर्थ क्षेत्र महरौनी में आकर नमन करें।
आज यशोदय तीर्थ महरौनी में भव्य आगवानी समारोह को संबोधित करते हुए मुनिपुगंवश्री सुधासागर महाराज ने व्यक्त किए।


नगर वासियों ने मुनि संघ के आगमन पर पलक पांवड़े बिछाए
मध्यप्रदेश महासभा के संयोजक विजय धुर्रा ने बताया कि मुनि पुगंव श्री सुधासागर महाराज एवं क्षुल्लक श्री गंभीर सागर महाराज लगभग पैंतीस दिन टीकमगढ़ को देकर कल दोपहर में यशोदय तीर्थ महरौनी के लिए पद विहार करते हुए सिघई वेयरहाउस टाल प्लाजा में रात्रि विश्राम कर आज प्रातः काल कि बेला में यशोदय तीर्थ के लिए पद विहार कर दिया। जहां महरौनी समाज ने मुनि संघ की भव्य आगवानी की।

 

सम्पूर्ण मार्ग को तोरणद्वार रांगोली से सजाया गया था जगह जगह भक्तों ने मुनि श्री के पाद प्रक्षालन कर आरती उतार कर श्री फल भेंट कर अपनी भक्ति समर्पित की। यह शोभायात्रा यशोदय तीर्थ महरौनी पहुंच कर धर्म सभा में बदल गई।

जहां प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप भइया ने बोलते हुए कहा कि संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम शिष्य आध्यात्मिक संत निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव श्रीसुधासागर महाराज क्षुल्लक श्री गंभीर सागर महाराज ससंघ का आज हमारे तीर्थ क्षेत्र पर है।हमें लाभ लेना है।

सूर्य तो निकल कर प्रकाश देने के लिए ही आया है
मुनिश्री ने कहा कि सूर्य निकल कर प्रकाश दे रहा है आप लोगों को प्रकाश लेना है सूर्य तो निकलना ही आप लोगो को लाभ देने के लिए है हमें अपने पात्र को देखना है अपनी पोजिशन बनाना है तुम ये मत सोचना कि पोजिशन महाराज की बन रही है महाराज तो कल भी वही थे आज भी वही है।आप ये सोचते हैं कि आपके महरौनी की पोजिशन बन गई मेरी पोजिशन बनाने की आवश्यकता नहीं है।

 

ललितपुर में चातुर्मास हुआ और सारा देश कह रहा है कि ललितपुर में ऐतिहासिक चातुर्मास हुआ ललितपुर की जो पोजिशन बनी है वह सारा हिंदुस्तान जानता है। ये पोजिशन अभिनन्दनोदय तीर्थ के अभिनन्दन नाथ स्वामी के कारण बनी टीकमगढ़ समाज ने भी आज अपनी पोजिशन
बनाई है।

 

आपकों अपने कपाटों को खोल कर रखना है।
सूर्य निकला है सूर्य आपके घर नैयोता देने नहीं आयेगा आपको अपने घर के कपाट खोलकर सूर्य प्रकाश का स्वागत करते हुए अपनी पोजिशन
बनानी होगी मैं यहां आप लोगो की
पोजिशन बनाने आया हूं। आपको देखना है कि आप अपनी पोजिशन
बनाने के लिए कितनी मेहनत करते हैं। ये आपके ऊपर निर्भर करता है। आभवन्तरो मे देवता भी बन गये तो कोई नहीं पूछेगा यदि आपने कोई तीर्थ बनाया तो देवताओ के बीच भी आपकी पोजिशन वनेगी। टीकमगढ़ में पंच कल्याणक महा महोत्सव हुआ तो कितने लोगों की नजर में पोजिशन
बनी। आज टीकमगढ़ की क्या पोजिशन बनी है आप सब देख रहे हैं। मेरे हृदय में जिनकी तस्वीर बैठी है उनसे आपकी पोजिशन बने जैसे हनुमान जी की पोजिशन बनी हनुमान जी श्री राम के हर काम आये भक्ति की श्री राम की और इतनी भक्ति की आज दुनिया में रामचन्द्र जी के मन्दिर कम है हनुमान जी के मन्दिर ज्यादा है। जिनके पोज आप लिए है उनकी दृष्टि में आपकी पोजिशन बनना चाहिए। इस दौरान ललितपुर टीकमगढ़
बानपुर महरौनी सहित पूरे अंचल भक्तों ने मुनि संघ को श्री फल भेंट किए।

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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