सिद्धचक्र महामंडल विधान में शचि इंद्राणी प्रभा बड़जात्या कर रही है पांच उपवास की तप साधना
आगरा
उत्तर प्रदेश की पावन धर्म नगरी जहां पूज्य गुरुदेव चैत्य सागर महाराज के सानिध्य में सिद्धचक्र महामंडल विधान आगरा के मोती कटरा स्थित जिनालय में भक्ति भाव के साथ हो रहा है।
महामंडल विधान का एक अनुपम क्षण जो सचमुच सोने पर सुहागा जैसा है। जी हां एक और जहां इस महामंडल विधान में- सौधर्म इन्द्र श्री पवन बडजात्या व प्रभा बड़जात्या शचि इंद्राणी बनकर धर्म साधना में रत हैं।

व भक्ति भाव से ओतप्रोत हैं और श्रीमती प्रभा बड़जात्या दोहरा पुण्य अर्जित करते हुए तप साधना में लीन रहते हुए मंडल विधान के साथ 5 उपवास की तप साधना पूर्ण कर चुकी है।
जो सचमुच किसी महा पुण्य से कम नहीं होता है। बहुत ही अनंत पुण्य उदय में आता है जब वहां मंडल विधान के साथ तप साधना भी हो रही है। सचमुच यह अनंत कर्म निर्जरा कर रही हैं। श्री सिद्ध चक्र का पाठ करो निज आठ ठाठ से प्राणी फल पायो मैना रानी। पूज्य गुरुदेव की आशीष मिलना महामंडल विधान का होना मुख्य पात्र का बनना यह किसी सहयोग से कम नहीं होता।
धन्य है इनकी तप साधना
धन्य है इनकी धर्म भावना
हम करते इनकी कोटि-कोटि अनुमोदना
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
