चर्या शिरोमणि आचार्य विशुद्ध सागर जी का मिलेगा मंगल सानिध्य…शीतल तीर्थ पंचकल्याणक फरवरी 2024 में
रतलाम

प.पू. प्रज्ञा पुरुषोत्तम, विद्या मार्तंड, आगमसूर्य, चतुर्थ पट्टाचार्य समाधिस्थ गुरुदेव 108 श्री योगीन्द्र सागर जी महामुनिराज की दिव्य कल्पना, वृद्ध साधकों की साधना स्थली, जीव दया का उत्कृष्ट क्षेत्र, 72 जिनालयों से सुशोभित कैलाश पर्वत की प्रतिकृति एवं स्वातिशय प्रकट भूमि धर्मस्थल शीतल तीर्थ (रतलाम) का बहुप्रतीक्षित पंचकल्याणक महोत्सव प.पू. चर्या शिरोमणि आचार्य 108 श्री विशुद्ध सागर जी मुनिराज के सानिध्य में फरवरी 2024 में होना निश्चित हो गया है ।
तीर्थ अधिष्ठात्री बा.ब्र.डॉ सविता जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि पूज्य गुरुदेव योगीन्द्र सागर जी मुनिराज के सानिध्य में सन 2009 में इस क्षेत्र की परिकल्पना की गई थी एवं पूज्य श्री के सानिध्य में ही इस भूमि का शिलान्यास किया गया था।

। प्रारम्भ से ही समय समय पर इस क्षेत्र में अद्भुत अतिशय के दर्शन होते रहे है ओर यहीं कारण है कि यहाँ सदैव भक्तों का जमावड़ा सा लगा रहता है।


राकेश जैन ‘चपलमन’ ने जानकारी देते हुए बताया

की दिनाक 18 फरवरी को डॉ अनुपम जैन (इंदौर) के नेतृत्व में श्री प्रमोद जैन ‘बारदाना’ (सागर), डॉ संजीव सराफ (सागर), श्री विमल झांझरी (इंदौर), श्री अभय जैन (इंदौर), डॉ सविता जैन (रतलाम), श्री महावीर गांधी (रतलाम), श्री प्रभात दोषी (रतलाम), श्री मोहन मलासिया सहित लगभग 25 सदस्यों का प्रतिनिधि मंडल दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र गिरार जी (उ.प्र.) पहुँचा जंहा आचार्य विशुद्ध सागर जी गुरुदेव से शीतल तीर्थ पंचकल्याण में सानिध्य हेतु निवेदन किया गया ।

पूज्य गुरुदेव ने सम्पूर्ण प्रतिनिधिमंडल को आशीर्वाद प्रदान करते हुए पंचकल्याण हेतु 22 फरवरी 2024 से 26 फरवरी 2024 की तिथि घोषित करते हुए अपने ससंघ सानिध्य की स्वीकृति प्रदान की ।

इस हेतु शीघ्र ही आयोजन समिति का गठन, एवं पात्रों के चयन की प्रक्रिया पूर्ण की जायेगी ।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
