आपको ऐसे संस्कारवान बनना है कि सारी दुनिया भी आपको गलत कहे तब भी आपके अपने आपको गलत ना माने । दुनिया तुम पर गर्व करे सुधासागर महाराज

धर्म

आपको ऐसे संस्कारवान बनना है कि सारी दुनिया भी आपको गलत कहे तब भी आपके अपने आपको गलत ना माने । दुनिया तुम पर गर्व करे सुधासागर महाराज
ललितपुर

प्रातःकाल श्री जी की मंगल वंदना के बाद तपकल्याणक की पूजा अत्यंत भक्ति के साथ संपन्न हुई ।इस बेला में
पूज्य श्रमण श्री सुधासागर जी महाराज ने अपने मंगल प्रवचन में कहा कि आपको ऐसे संस्कारवान बनना है कि सारी दुनिया भी आपको गलत कहे तब भी आपके अपने आपको गलत ना माने । दुनिया तुम पर गर्व करे उससे पहले देखो की तुम खुदकी दृष्टि में गर्व करते हो या नही ।क्या आपके माता पिता आप पर अटल विश्वास करते है या नहीं।

 

 

 

 

उन्होंने कहा हमे ऐसा विश्वास जीतना है कि गुरु के सामने कोई तुम्हें गलत कहे तो गुरु पक्ष ले लें कि मेने उसे अपने हाथ से गंधोदक लगाया है, वो गलत कार्य कर ही नहीं सकता। अपने गुरु से ऐसा आशीर्वाद लो कि जहां जरूरत पड़ जाए वहां काम में आ जाए। पूज्य श्री ने कहा जिसने भक्तामर रूपी कील का सहारा ले लिया उसे दुनिया की कोई भी चक्की पीसने की कोशिश करे तो भी नहीं पीस पाएगी ।

प्रवचन के बाद महामुनि आदिसागर जी की आहारचर्या राजा श्रेयांश – राजा सोम के राजमहल में नवधाभक्ति पूर्वक देखने को मिली । आहारचर्या के पश्चात देवो द्वारा पंचाश्चर्य किए गए ।
मध्यान्ह बेला में केवलज्ञान कल्याणक की आंतरिक क्रियाएं (मंत्रराधना , तिलकदान , अधिवासना , मुखोद्घाटन , नेत्रोन्मीलन , प्राण प्रतिष्ठा , सूरीमंत्र , सूर्यकला मंत्र , चंद्रकला आदि क्रियाएं संपन्न हुई ।
प्रतिष्ठा मंडप में विराजित श्री जी के तप व ज्ञान कल्याणक के साथ साथ ज्ञानोदय मंदिर में विराजित समस्त प्रतिमा एवं अभिनंदनोदय क्षेत्र में विराजमान सहस्रकूट , त्रिकाल चौबीसी , बड़े बाबा प्रतिमा , गुफा मंदिर आदि सम्पूर्ण प्रतिमा जी के भी तप व ज्ञान कल्याणक के संस्कार श्रमण श्रेष्ठ के द्वारा संपन्न हुए ।इस प्रकार अत्यंत भक्ति , आनंद व उत्साह के साथ मुनि आदिसागर के तप , व ज्ञान कल्याणक संपन्न हुए ।

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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