तीन दिवसीय सुप्रभात महोत्सव की शुरुआत जिनके पास परिग्रह है उन्हें ही नवग्रह परेशान करते हैं प्रज्ञा सागर महाराज

धर्म

तीन दिवसीय सुप्रभात महोत्सव की शुरुआत
जिनके पास परिग्रह है उन्हें ही नवग्रह परेशान करते हैं प्रज्ञा सागर महाराज

कालापीपल

जिनके पास परिग्रह है उन्हें ही नवग्रह परेशान करते है।हमने सारा परिग्रह छोड़ रखा है इसलिए नवग्रह हमारा कुछ बिगाड़ नहीं करते।आप सब लोग इनकी चपेट में आ जाते है इसलिए आपको समय समय पर चौबीस तीर्थंकरों की आराधना करते रहना चाहिए ताकि आपका सांसारिक जीवन सुख मय व्यतीत होता रहे।भगवान की भक्ति में इतनी शक्ति होती है कि वह हमें दुख दर्दों से मुक्ति देने में समर्थ होती है।

उक्त विचार तपोभूमि प्रणेता प्रज्ञा सागर महाराज ने नवग्रह शांति विधान के प्रथम दिन उपस्थित प्रभु भक्तों को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किये।

 

उन्होने कहा-जिस तरह से फैमिली डॉक्टर होते है उसी तरह प्रत्येक व्यक्ति को फैमिली गुरु बनाना चाहिए।गुरु के आते ही हमारे जीवन को सुख का मार्ग मिल जाता है।जब गुरु बनालो तो अपनी जीवन नैया गुरु के हाथों में सौंप देना चाहिए और कहना चाहिए अब सौंप दिया इस जीवन का सब भर तुम्हारे हाथों में।अब जीत तुम्हारे हाथों में और हर तुम्हारे हाथों में।।

 

यहाँ उल्लेखनीय है कि कालापीपल के इतिहास में इस तरह से नवग्रह शांति विधान पहलीबार हो रहा है।जिसमें समाज के ज्यादातर लोग भाग ले रहें है।इस विधान के लिए अन्य समाज के लोग भी उत्सुक है। विधान की पांच पूजाएँ सम्पन्न हुई।विधानाचार्य पण्डित श्री श्रेयस जैन पिंडरई एवं संगीतकार प्रखर जैन इंदौर की जुगलबंदी ने ऐसा समां बांधा की सब झूमने को मजबूर हो गए।समय से प्रारम्भ हुआ विधान ठीक समय पर पूर्ण हुआ। पूज्य महाराज श्री ने पूरे समय बैठकर विधान करवाया और सभी के लिए सुख समृद्धि की प्रार्थना की।

 

 

 

शाम को आनंदयात्रा से पहले संगीत के साथ गुरुभक्ति-चालीसा का आनंद बरसा।फिर अहमदाबाद से आये श्री विक्रमभाई तलाटी का सपत्नीक समाज द्वारा स्वागत किया गया।फिर मैं आनंदयात्रा करवाते हुए महाराज श्री ने कहा-नफरतों के बाज़ार में जीने का मजा ही कुछ और है।लोग रुलाना नहीं छोड़ते और हम हँसाना नहीं छोड़ते।दुनिया बड़ी अजीब है, ये न जीने देती है और न मरने देती है।इसलिए मैं कहता हूं इस दुनिया में जीने की इच्छा है तो अंधे बहरे बनकर जीना।आनंदयात्रा के बाद रोज की तरह आज भी तीन प्रश्न पूछें,जिनके सही जवाब क्रमशः श्री ऋषभ जैन,श्री सिद्धनाथ मेवाड़ा,श्रीमती मोनिका जैन ने प्रदान किये जिन्हें नरेंद्र कुमार दीपक कुमार ललित कुमार लक्ष्य कुमार जैन परिवार की ओर से पुरस्कार प्रदान किये गए।

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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