आचार्य शिरोमणि धर्म सागर महाराज का 109 वाँ अवतरण दिवस हर्ष और उल्लास से मनाया
भावपूर्वक पूजा अर्चना करके विनयांजलि दी
निवाई
17 जनवरी : बींसवीं सदी के प्रथमाचार्य शांतिसागर महाराज के तृतीय पट्टाधीश आचार्य शिरोमणि धर्म सागर महाराज के 109 वां अवतरण दिवस हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया। जैन समाज के प्रवक्ता विमल जौंला व राकेश संधी ने बताया सोमवार को सन्त निवास पर गणिनी आर्यिका विभाश्री माताजी संध के सानिध्य में आचार्य श्री धर्मसागर महाराज के चित्र के समक्ष श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्वलित कर पूजा अर्चना की। इस दौरान नसियां जैन मंदिर में आर्यिका विभाश्री माताजी के सानिध्य में जैन समाज के मंत्री महावीर प्रसाद पराणा महेन्द्र चंवरिया सुनील भाणजा मनोज पाटनी प्रेमचंद सोगानी अनिल भाणजा ज्ञानचंद सोगानी शंभु कटमाणा नवरत्न टोंग्या गिरराज चंवरिया अनिल पराणा ज्ञानचंद झिलाय सहित अनेक लोगों ने आचार्य धर्म सागर महाराज की पूजा अर्चना कर विनयांजलि दी। इस अवसर पर माताजी ने सोधर्म इन्द्र सहित सभी इन्द्र इन्द्राणियो को मंगल कलश वितरण किया।

गुरु उपकार को न भूले विभाश्री माताजी
इस दौरान गणिनी आर्यिका विभाश्री माताजी ने धर्म सभा को सम्बोधित करते हुए आचार्य धर्म सागर महाराज की जीवनी पर कहा कि गुरु उपकार नहीं भूलें, एवं गुरु के उपदेशों पर एवं उनके बताए मार्ग पर चलकर अपना कल्याण करें।

उन्होंने सभी संध के साथ आचार्य श्री की जीवनी पर भावभीनी विनयांजलि दी।
जौंला ने बताया की आचार्य धर्म सागर महाराज के गृहस्थ अवस्था का नाम चिरंजी लाल था एंव माता का नाम उमराव देवी पिता का नाम बख्तावर मल था। उनका जन्म राजस्थान प्रान्त के गम्भीरा गांव में हुआ था,उन्होंने आचार्य चन्द्र सागर महाराज से क्षुल्लक दीक्षा, एवं ऐलक दीक्षा आचार्य वीरसागर महाराज से एवं मुनि दीक्षा आचार्य वीरसागर महाराज से फुलेरा मे लेकर धर्म सागर नाम पडा़। धर्म सभा का संचालन महावीर प्रसाद पराणा ने किया।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमडी
