16 वर्ष पूर्व कुडलपुर के बड़े बाबा जब पुराने स्थान को छोड़ नवमंदिर में आ बसे
कुडलपुर
दमोह जिले में स्थित कुंडलपुर क्षेत्र का वह इतिहास का पल जिसे शायद हर वह भक्त यह कहेगा कि यह स्वर्णिम पल है यह वाकया है 17-1-2006 जब बड़े बाबा आदिनाथ भगवान पुराने मंदिर को छोड़ नवमदिर में आए यह सब हो सका जन जन के आराध्य आत्मानवेषी छोटे बाबा आचार्य विद्यासागर महाराज की अनमोल कृपा से जी हां आज ही के दिन छोटे बाबा ने बड़े बाबा को नये मन्दिर में स्थापित करवाया था
17 जनवरी 2006 का वह क्षण बड़े आदिनाथ भगवान बड़े बाबा नवीन मन्दिर में स्थापित किए गए तब पूरा विश्व कोतुहल में था इतनी विशाल प्रतिमा अपना स्थान छोड़ चुकी है। यह छोटे बाबा आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की पावन निश्रा में सम्पन्न हुआ। तबसे आज यह जिनालय एक अलौकिक बन गया है पूर्व मे प्रतिमा जी के आधे दर्शन होते थे अब पूरे दर्शन होते है क्या खूब लिखा है गुरुदेव को बुलाया ऐसे पुरुदेव को प्रणाम ओ बुन्देली के देवता कुंडलपुर के बाबा तुम्हें प्रणाम वह पल जब 50000 से अधिक भक्तो की संख्या वहां वह पूरा संघ साथ ही आर्यिका माताजी गण व त्यागी वृन्त और शासन प्रशासन वहाँ मौजूद रहा। कहा जाए तो यह क्षण 15 वर्ष किसी अजुबे से कम नही थे। जब भी बड़े बाबा और छोटे बाबा का साक्षात्कार हो जाता है, तो एक इतिहास को लिख देता है। यह क्षेत्र विश्व की अनमोल कृति के रूप में है यहाँ जो ऊर्जा है वह स्वयम जो वहां जाकर साक्षात दर्शन करता है वह बया करता है। 2022 पुनः एक इतिहास को लिखने आतुर है जो कहा जाए तो वह महाकुंभ से कम नही होगा। जिसका इंतज़ार हर भक्त को है,
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
