आज समाज मे हम अच्छे बुरे का निर्णय नही करते हुए भीड़ का अनुसरण कर रहे है शुद्धसागर महाराज

धर्म

आज समाज मे हम अच्छे बुरे का निर्णय नही करते हुए भीड़ का अनुसरण कर रहे है शुद्धसागर महाराज
कोटा
पूज्य मुनि श्री 108 शुद्धसागर महाराज ने तलवंडी जैन मंदिर में उद्बोधन देते हुए समाज में हो रहे धर्म के पतन पर चिंता जताई। और कहा कि जब समाज मे हमारे मन की बात नही होती है हम चीजो को अपने अनुकूल नही पाते है तो, हम आपस मे बैर बांध लेते है, क्रोधित हो जाते है, ऐसा ही बैर पूर्व में आदिनाथ भगवान से उन्ही के पौत्र मरीचि ने पारसनाथ भगवान से कमठ ने बैर बांध लिया और भवो में भटकता रहा।

पूज्य मुनि श्री ने पर बोलते हुए कहा कि सब अपने अपने मन की करना चाहते है, किंतु यह मिथ्यात्व है,इसी मिथ्यात्व से समाज मे विघटन ओर वैमनस्य उत्पन्न होता है।

एक और अपने मन से निर्णय लेकर किया गया धर्म आत्मा को समझ कर धर्म के मर्म को समझ कर धर्म को करने का निर्णय करने वाला है। और एक ओर ऐसे भी लोग है जो दूसरों को देख कर देखा देखी धर्म कर रहे है। ओर समाज मे अपना अलग मत अलग विचारधारा के पोषक बनते है।

 

 

मुनि श्री ने कटाक्ष करते हुए कहा कि इसीलिए समाज में आपस मे विवाद उत्पन्न होता है। इसी से धर्म का ह्रास हो रहा है। और इस पंचम काल मे अधर्म का महिमा मंडन हो रहा है। उन्होंने आगे बोलते हुए कहा कि आज समाज मे हम अच्छे बुरे का निर्णय नही करते हुए भीड़ का अनुसरण कर रहे है यह ठीक नही है। वास्तविकता को पहचाना नही, बस उसे ही सही माना जो हमारे मन की कह रहा है।
इस सब से बचने का एक ही मार्ग है कि हमारे आगम और हमारे ग्रंथ।

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमडी

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