स्वर कोकिला आर्यिका पूर्णमति माताजी संघ का पिछिका परिवर्तन संपन्न
इंदौर
पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर महाराज की परम प्रभावक शिष्या स्वर कोकिला आर्यिका पूर्णमति माताजी संघ का पिच्छिका परिवर्तन संपन्न हुआ इस अवसर पर ब्रह्मचारिणी लता दीदी ने बोलते हुए कहा कि पिच्छिका परिवर्तन समारोह साधु और श्रावक के बीच एक रिश्ता कायम करता है। उन्होंने कहा पिच्छिका लेने और देने का कोई महत्व नहीं है, जितना पिच्छिका के सम्यक ज्ञान, के समय चरित्र का होना जरूरी है।
पिच्छिका परिवर्तन समारोह में आयोजन से पूर्व गाजे-बाजे के साथ भव्य जुलूस निकाला गया जो छत्रपति नगर जिनालय से होता हुआ दलालबाग पहुंचा। समस्त संघ ने अपने पिच्छिका नियम संयम व्रत ग्रहण करने वाले परिवारों को प्रदान की। साधु संतों की पिछी घर में आना किसी पुण्य से कम नहीं माना जाता।
संकलित जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंज मंडी
