जैन साध्वी जिन शिशु प्रज्ञा श्री जी रामगंजमंडी मे पधारी हुआ साध्वी गुणरंजना श्रीजी व साध्वी जिन शिशु प्रज्ञा श्री जी संघ का महामिलन
रामगंजमंडी
जैन श्वेताम्बबर समाज की वरिष्ठ ओर जावरा के पास निर्मित अष्टापद् तीर्थ की प्रेरिका साध्वी जिन शिशु प्रज्ञा श्री जी 9साध्वी के संघ सहित शनिवार की सुबह रामगंजमंडी में मंगल आगमन हुआ
भानपुरा मे सफल और ऐतिहासिक चार्तुमास पूर्ण करने के बाद रामगंजमंडी श्रीसंघ की विनती पर दो दिन मे 35 किलोमीटर का पद विहार कर साध्वी जी प्रज्ञा श्री जी सुबह 7.30 बजे जुल्मी रोड पर स्थित राधा कृष्ण मंदिर पहुंची जहा श्रीसंघ के सदस्यों ने पूरी आत्मीयता और आनंद के साथ साध्वी मंडल की अगवानी की- महिला मंडल ने सिर पर कलश लेकर आगवानी की- फिर पूरे साध्वी

मंडल को बैन्ड बाजो के साथ जुलूस के रूप मे बाजार नं. 3 मे स्थित जैन श्वेताम्बर मंदिर लाया गया अंबेडकर चौराहे पर रामगंजमंडी मे चार्तुमास हेतु विराजित रही साध्वी गुणरंजना श्री जी ने साध्वी प्रज्ञा श्री जी की अगवानी की ओर चरण स्पर्श करके आशीर्वाद लिया। यह क्षण भाव विभोर कर देने वाला था। जो विनय संपन्नता का एक अनुपम उदाहरण प्रस्तुत कर गया।
मंदिर में भगवान आदिनाथ पार्श्वनाथ भगवान महावीरस्वामी भगवान के दर्शन करने के बाद पूरे साध्वी मंडल
ने दादाबाडी मे चारो दादा गुरुदेव के दर्शन किये -ओर प्रवचन कक्ष में पधारी-
प्रवचन में सर्वप्रथम 2013 से चार्तुमास रामगंजमंडी में करने
वाली साध्वी भाग्योदया श्री जी ने कहा कि मानव जीवन मिलना सोने की थाली मिलने के समान है।और आज
का इंसान सोने की थाली में कचरा इकठ्ठा करने का कार्य कर रहा है। सोने की थाली से परमात्मा की पूजा होती है। मानव जीवन पाने के लिये लम्बी कतार है. आपका महान पुण्य का उदय है जो मानव जीवन मिला सबको इसे सार्थक बनाना चाहिये।

उसके बाद साध्वी शुद्धातम निधी श्री जी मा.सा. ने एकसुन्दर भजन सुनाया- इसके बाद साध्वी गुणरंजना श्री जी ने प्रवचन देते हुए कहा की मुझे तो रामगंजमंडी मे चार महीने हो गये प्रवचन देते देते आज तो हम सब आप
को सुनना चाहते है।
मै रामगंजमंडी विशेष रूप से साध्वी गुणरंजना श्रीजी से मिलने आई हु प्रज्ञा श्री जी
इस पर साध्वी प्रज्ञा श्रीजी ने प्रवचन से कहा कि मै रामगंजमेडी विशेष रूप से साध्वी गुणरंजना श्री जी से मिलने आई हूँ- उन्होंने कहा कि 130 करोड़ की जनसंख्या में से बहुत कम लोगो को जिन शासन मिला और जितने को मिला उसमे से भी बहुत कम है जिन्हे
जिन शासन पर गर्व है। उन्होंने उपस्थित लोगो से जन्म से नही कर्म से जैनी बनने को कहा नेम प्लेट के जैनी बनने की जगह प्लेट (थाली),का जैनी बनने की नसीयत देते हुए साध्वी जी ने
रात्रि भोजन ओर जमीकंद का त्याग करने को कहा उन्होंने कहा कि 24घंटे में से 8 घण्टे सोने के 12घण्टे व्यापार और दुकान के, 4 घंटे बचे उसमे भी शरीर को सवारने ओर मोबाईल चलाने में लगा है इंसान उन्होंने सभी से कहा कि जिसके अंतर मे जिनशासन होगा वही असली जैनी है।80 वर्ष तक बेटो ओर पोते पोतियो के लिये बैंक मे
एफ.डी. जमा करने, सम्पदा और दोलत जुटाने वाले दंपती की साँस बंद होते ही. ईसान साथ छोड़ देते है।
” अर्थी उठने से पहले जीवन का अर्थ समझने की सीख देते हुए कहा कि समझाने वाले तो बहुत आएंगे पर समझना आपको पडेगा-आज के इंसान के पास माल गिनने का समय है पर माला गिनने का समय नही है।
चार्तुमास कमेटी के सरक्षक ओर जैन श्वेताम्बर श्रीसंघ के अध्यक्ष राजकुमार पारख ने बताया कि साध्वी जी के विहार मे भानपुरा से रामगंजमंडी तक कई श्रीसंघ के सदस्य ओर महिलाए पैदल साथ चली.वही चैन्नई निवासी शांतीलाल गोलेच्छा जो आचार्य पीयूष
सागर जी से दीक्षा ग्रहण कर रहे हैं. उनका श्रीसंघ के सदस्यो ने बहुमान किया। साध्वी जी के प्रवचन बाद चार्तुमास कमेटी के सुभाष बापना, अंशुल मेहता, अंतिम बाला मेहता, रेखा लोढा, प्रक्षल डागा और नमीषा ने रामगंजमंडी पधारने के लिए आभार शब्दो ओर भजन से किया।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
