संस्कारो का बीजारोपण अदभुत है अल्प उम्र में सक्षम व शरणम का
धनगाँव
पूज्य मुनि श्री विद्यासागर जी महाराज धनगाँव मे विराजमान है इस ग्राम की भक्ति का अंदाज़ा धार्मिक संस्कारो का अंदाज़ा इस बात का अंदाज़ा इस बात से लगा सकते है। ढाई वर्ष की उम्र से ही सन्तो की सेवा व धर्म के संस्कार लक्षित होंते है। जिसका उदाहरण इन छायाचित्रों से बया हो जाता है।

दो बालक शरणम व सक्षम का,आपको बता दे शरणम की उम्र महज ढाई वर्ष है लेकिन गुरु सन्तो की सेवा में रत पूज्य मुनि श्री विद्यासागर जी महाराज की व अन्य संघ मुनिराज की वैयाव्रति कर रहे है। शरणम धर्मनिष्ट अपूर्व,नेहा कोठारी के पुत्र है। वही सक्षम भी कुछ कम नही उनकी उम्र महज 5 वर्ष की है वह धर्मनिष्ट विकास,शालू सेठी के पुत्र है।

इनकी श्रद्धा, लगन को देख महाराज श्री ने मधुर मुस्कान के साथ आशीष प्रदान की। यह सब कुछ यही सीख देता है यदि बचपन से ही बच्चों में संस्कारों का बीजारोपण हो तो वह कल्याणकारी होता है। और आगे चलजर धर्म का ध्वज आगे लेकर चलता है। व समाज और राष्ट्र के लिए एक आदर्श स्थापित करता है।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमडी
