तपस्वी सौरभ तिल्लानी ने किया तपस्वी गौरव बाफना का बहुमान
रामगंजमडी
तप की महकता से रामगंजमडी इन दिनों पावन पुनीत बनी हुई है जी हा एक और साधना तपोमूर्ति साध्वी प्रवर गुणरंजना श्रीजी अपनी वाणी को बिखेर रही है। उनके द्वारा बिखरी अम्रत वाणी में ज़न ज़न ज्ञान गंगा में डुबकी लगा रहे है। औऱ महती धर्म प्रभावना हो रही है वही एक नही दो दो 31 उपवास की साधना हुई वही इसी क्रम में तपस्वी गौरव बाफना की 31 उपवास पूर्ण हुई और युवा सौरभ तिल्लानी की 31 उपवास की साधना पूर्णता की ओर है यह नगर के लिये किसी कीर्तिमान से कम नही है जब आज का युवा भोतिकता में पढ़कर संस्कारो से धर्म से विमुख होता नजर आ रहा है ऐसे में ये युवा पीढ़ी के लिये प्रेरणा बनकर सामने आए है। यह सब साध्वी श्रीजी का पावन सानिघ्य प्रेरणा व मार्गदर्शन का प्रतिफल है जो आज परिलक्षित हुआ है।
अविस्मरणीय क्षण
वह पल जो सदा सदा अविस्मरणीय रहेगा जी हा यह पल था तपस्वी गौरव बाफना बहुमान शोभायात्रा के समय का उन क्षणों में साध्वी श्री जी की मौजूदगी में तपस्वी सौरभ तिल्लानी द्वारा तपस्वी गौरव बाफना का बहुमान किया यह विनय सम्पन्नता को दर्शाता है तपस्वी स्वयम दूसरे तपस्वी की अनुमोदना कर रहा है। यह प्रेरणा देता है। और एक अनुकरणीय उदाहरण हम सभी के बीच परिलक्षित होता है। सचमुच तप के गौरव की सौरभ चारो औऱ फैल रही है।
नमन है इन दीर्घ तपस्वीयों की साधना को
अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमडी
