रामगंजमडी के बाबरिया परिवार ने प्रमाण साग़र महाराज के सानिध्य में हुए श्रावक संस्कार शिविर का किया लोकार्पण
रामगंजमडी
कस्तूर ने था जो बीज बोया
आज वही बना पुण्यवृक्ष अनोखा
जी हाँ इस पंक्ति में मैं आपको उन क्षणों की अभिव्यक्ति दे रहा हूँ जब एक छोटा सा बोया गया बीज सम्पूर्ण जैन समाज को गौरवान्वित करता हैं। वैसे तो अनेकों बार जीवन में यात्रा का प्रसंग बनता है पर कभी कभी ऐसी यात्रा हो जाती है जो अविस्मरणीय रहती है ।
इस बार दसलक्षण महापर्व पर रामगंजमंडी के धर्मनिष्ठ व्यक्ति का मन सम्मेदशिखर तीर्थ की वंदना का हुआ।और मन में प्रभु स्मरण करते हुए सपरिवार यात्रा हेतु पधारें और शिखर जी में तीर्थ की वंदना तो की ही की साथ ही साथ गुणायतन तीर्थ पर विराजित प्रमाण सागर महाराज के दर्शन करते हुए उनके सानिध्य में श्रावक संस्कार शिविर में सम्मलित होकर शिविर का लोकार्पण का पुण्य लाभ भी प्राप्त किया

हम बात कर रहे है रामगंजमंडी के धर्मनिष्ठ व्यक्तित्व धर्मपरायण श्री कस्तूरचंद धापू बाई के सुपुत्र और उन्ही के धर्म कार्यों का अनुसरण करने वाले श्री सुरेश कुमार बाबरिया, सिद्धार्थ

बाबरिया,रेखा बाबरिया,पूजा बाबरिया परिवार ने 10 दिनों में सम्मेदशिखर में रहकर अनन्त पुण्य को अर्जित किया एवं

सिद्धक्षेत्र की वंदना करके अनन्त पुण्य को अर्जित किया उन्होंने सेवायतन प्रकल्प को भी सहयोग प्रदान किया। व10 दिनों तक नियम संकल्प के साथ धर्म आराधना की। इतना ही नही इन दिनों उत्तम त्याग धर्म के दिन पूज्यवर प्रमाण साग़र महाराज की आहारचर्या व चरण वंदना का पुण्य लाभ भी प्राप्त हुआ। सन्तो की सेवा में यह परिवार सदा सलग्न रहता है एवम् समस्त प्रकार के सेवा कार्यो के लिए यह परिवार सदैव तत्पर रहता है। अनेक सन्तो का आशीष इन पर रहता है। यह रामगंजमंडी नगर के गौरव तो है ही साथ ही इनकी धर्मनिष्ठता से सभी परिचित है। इन्हीं के सेवा कार्यो के कारण इन्हें भामाशाह कहकर पुकारा जाता है।

हम ऐसे पुण्यशाली परिवार के भावों की अनुमोदना करते है। और शांतिप्रभु से कामना करते है कि इसी तरह इनका जीवन धर्ममय बना रहे।
अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी
