इंसान को साधना, तप,त्याग को अपनाना चाहिए विज्ञमती माताजी
ग्वालियर
परम पूज्या पट्ट गणिनी आर्यिका 105 विज्ञमति माताजी ने अपने उदबोधन में कहा की इंसान को अपने जीवन मे साधना,तप औऱ त्याग को अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा की मानव जीवन मे यह नही है तो जीवन व्यर्य है। जिस भी व्रत में भी धर्म की साधना की जाती है वह व्रत फलदायी होता है। व्रत के विषय मे कहा यह एक कठिन साधना है। इसके भी नियम व आचार सहिता है। धन उपार्जन के विषय मे भी कहा की मानव को उतना ही धन उपार्जन करना चाहिए जितने में घर परिवार आसानी से चल सके।
अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमडी
