गोवर्धन नगर सांगानेर जयपुर के नव निर्मित जिनालय में हुआ अतिशय एवं चमत्कार भगवान वासुपूज्य स्वामी के श्री चरणों में मिले स्वत: चांदी के 2 सिक्के

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गोवर्धन नगर सांगानेर जयपुर के नव निर्मित जिनालय में हुआ अतिशय एवं चमत्कार
भगवान वासुपूज्य स्वामी के श्री चरणों में मिले स्वत: चांदी के 2 सिक्के
जयपुर –
– मंगलवार को प्रातः काल गोवर्धन नगर सांगानेर जयपुर के नव निर्मित जिनालय में श्रावक- श्राविकाओं का दर्शनार्थ आना प्रारंभ हुआ कि सर्वप्रथम श्रीमती चमेली देवी जैन (लाखनपुर वाले) प्रभु दर्शन करने आईं थी।उन्हें मूलवेदी के समीप एक साथ दो चांदी के सिक्के जिसमें एक तो सन् 1887 का एवं दूसरा 1919 सन् का देखने को मिला। वह महिला भाव विभोर होते हुए पूज्या गुरु मां गणिनी आ. श्री विजय मती माताजी के चरणों में आईं और वह सिक्के दिखाये।


पू.गुरु मां ने पूर्व में ही कई बार कहा था कि प्रभु वासुपूज्य स्वामी बहुत ही अतिशयकारी है। पूज्य गुरु मां के आशीर्वाद तले 11 महिने में 2 मंजिल का शिखर बन्द भव्य जिनालय एवं 2 मंजिला सन्त भवन का निर्माण होना किसी चमत्कार से कम नहीं है।
स्थानीय समाज के अध्यक्ष कैलाश टोडा वाले, महामंत्री सुरेन्द्र छाबड़ा, उपाध्यक्ष- धर्मचन्द चोरु वाले एवं कमल सौगाणी ने जैसे ही अतिशय के बारे में बताया कि दूर दूर से श्रद्धालुगण दर्शनार्थ उमड़ पड़े।


इस मौके पर राजस्थान जैन युवा महासभा दक्षिण संभाग अध्यक्ष चेतन जैन निमोड़िया, राजस्थान जैन सभा कार्यकारिणी सदस्य जिनेन्द्र गंगवाल व समाज श्रेष्ठी प्रमोद बावड़ी, मनोज बाकलीवाल, मनीष टोरड़ी, राजेश‌ जैन व सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित हुए ।


पू. गुरु मां की संघस्थ ब्र. अल्पना दीदी का मंदिर निर्माण में अभूतपूर्व दिशा निर्देश रहा। स्थानीय विमल पचेवर वालों ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमडी

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