चातुर्मास के चार माह आपके ज्ञान का द्वारा खोलते है आर्यिका पूर्णमति
इंदौर
पूज्य आर्यिका 105 पूर्णमति माताजी ने अपने मंगल उदबोधन मे चातुर्मास के चार माह के विषय पर प्रकाश डाला उन्होने कहा मनुष्य की इच्छा कभी ख़त्म नहीं होगी जितनी उसे प्राप्त होती जाती वह उससे भी अधिक पाने की चाह रखता है उन्होने मार्मिक शब्दों मे सटीक बोलते हुए कहा की आज व्यक्ति प्रभु भक्ति को छोड़ आधुनिकता की भक्ति मे रमता चला जा रहा है विशेष उल्लेख करते कहा की ज्ञान रुपी अमृत को भरना बहुत कठिन है चातुर्मास के विषय मे कहा यह चार माह आपका ज्ञान का द्वार खोलते है साथ ही सदगुरुओ का दर्शन भी कराते है यह मिलने मिलाने का अवसर वर्ष मे एक बार ही मिलता है इस बात पर भी जोर दिया की हमको सारे अनर्गल कार्यो को छोड़ यह चार माह का लाभ लेना चाहिए एवम अमृत रुपी वाणी को जीबन मे अंगीकार करना चाहिए

यह उदगार स्वर कोकिला आर्यिका 105 पूर्णमति माताजी ने शनिवार की पुनीत बेला मे छत्रपति नगर स्थित जिनालय में धर्मसभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।पूज्य माताजी की वर्षायोग कलश स्थापना रविवार को दोपहर 1.30 बजे ध्वजारोहण व अन्य आयोजन के साथ सम्पन्न होगी
संकलन अभिषेक जैन लूहाडीया रामगंजमंडी
