धर्म से पुण्य होता है, पाप मनुष्य को नीचे की और ले जाता है वात्सलय वारिधि

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धर्म से पुण्य होता है, पाप मनुष्य को नीचे की और ले जाता है वात्सलय वारिधि
कर्जत नगर
श्री शांति वीर शिव धर्म अजित वर्द्धमान सुर्रिभ्यो नमः
आपको परिवार से प्रीति होती है, इतनी प्रीति धर्म के प्रति भी होना चाहिए। तभी मानव अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है। वही कर्जत नगर वासियों ने बताया कि 20 वर्षों के बाद दिगंबर साधुओं का संघ नगर में आया है।
वर्तमान में भगवान महावीर का शासन चल रहा है, तीर्थंकर श्री महावीर स्वामी के शासनकाल में रहने की सार्थकता तभी है कि मानव अहिंसा सत्य अचौर्य ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह का पालन करें, पांच पापों को छोड़े।
यह उद्बोधन वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने कर्जत नगर महाराष्ट्र में आयोजित धर्म सभा को संबोधित कर कहे।
आचार्य श्री ने आगे बताया कि पुण्य और धर्म मनुष्य को ऊपर ले जाते हैं धर्म से पुण्य होता है तथा पाप नीचे ले जाते हैं तथा अन्य कार्यों से पाप होता है।
मनुष्य पर्याय दुर्लभ है
उन्होंने कहा अरबो खरबों की आबादी में जिन धर्म बहुत ही कम लोगों को प्राप्त होता है।
सुख और आनन्द क्षणिक है हितेंद्र सागर जी
इसके पूर्व धर्म सभा को संघस्थ शिष्य मुनि श्री हितेन्द्र सागर जी ने संबोधित किया। मुनि श्री हितेन्द्र सागर जी ने कहा कि अनादि काल से प्राणी संसार की यात्रा में दुख उठाते हैं। संसार में सुख और आनंद महसूस करते हैं, किंतु यह सुख और आनंद क्षणिक है, यह जीव राग द्वेष मोह में फंसा है, इस कारण उसकी मुक्ति नहीं होती है। उन्होंने कहा जब संसार को छोड़ने के भाव हो जावे, तब गुरु शरण में चले जावे, तब प्राणी का भला होता है। साथ ही कहा इसके लिए विश्वास श्रद्धा उपकार तथा संकल्प शक्ति के सूत्र जरूरी है।


आचार्य संघ की अभूतपूर्व आगवानी
इससे आचार्य संघ का कर्जत महाराष्ट्र में एतिहासिक मंगल प्रवेश हुआ व अभूतपूर्व आगवानी हुई। व गाजे बाजे के साथ हुआ। इस आगवानी में श्री रामजी शिंदे, पूर्व मंत्री व समाज ज़न सम्मलित रहे। इन सभी ने कर्जत नगर में प्रवास हेतु निवेदन किया,व श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

राजेश पंचोलिया इंदौर वात्सलय वारिधि भक्त परिवार से प्राप्त जानकारी
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमडी

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