106 वर्षीय श्राविका ने सुधा सागर महाराज से लिया सल्लेखना व्रत इन्होंने आचार्य श्री ज्ञान सागर महाराज एवं आचार्य श्री विद्यासागर महाराज को ब्रह्मचर्य अवस्था में देखा था
106 वर्षीय श्राविका ने सुधा सागर महाराज से लिया सल्लेखना व्रत इन्होंने आचार्य श्री ज्ञान सागर महाराज एवं आचार्य श्री विद्यासागर महाराज को ब्रह्मचर्य अवस्था में देखा था सागर जहां पूज्य निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव 108 श्री सुधा सागर महाराज विराजित होते हैं वहा अनेक कार्य ऐसे होते हैं जो इतिहास लिख जाते हैं एवं […]
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