क्रोध, मान, माया और लोभ से उपजा पाप जबकर्म के रूप में उदय होता तो सहन नहीं होता सुधासागर महाराज
क्रोध, मान, माया और लोभ से उपजा पाप जबकर्म के रूप में उदय होता तो सहन नहीं होता सुधासागर महाराज अशोकनगर सबसे पहले विचार किया जाता है कि हमारे जीवन को गंदा कौन कर रहा है अपने जीवन को गन्दा करनेवाली चार कषाय क्रोध मान माया लोभ है। जब कोई चीज घुल मिल गए तो […]
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