जैन दर्शन में दीपावली का विशेष महत्व, भगवान महावीर के निर्वाण और गौतम गणधर के केवलज्ञान से जुड़ा है पर्व : जमनालाल जैन हपावत
अहिंसा, शांति और विश्व कल्याण के सिद्धांतों को अपनाकर ही दीपावली मनाने की सार्थकता : दिगंबर जैन ग्लोबल महासभा के संस्थापक अध्यक्ष
मुंबई।
दीपावली का पर्व संपूर्ण देश में हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस पावन अवसर पर दिगंबर जैन ग्लोबल महासभा के संस्थापक अध्यक्ष जमनालाल जैन हपावत ने समस्त देशवासियों एवं जैन समाज को भगवान महावीर स्वामी के निर्वाण महोत्सव तथा गौतम गणधर के केवलज्ञान दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
जमनालाल जैन हपावत ने कहा कि जैन दर्शन में दीपावली का पर्व अत्यंत महत्वपूर्ण एवं आध्यात्मिक महत्व रखता है। कार्तिक कृष्ण अमावस्या के दिन अहिंसा के महान प्रवर्तक, 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी ने पावापुरी में निर्वाण प्राप्त कर मोक्ष पद को प्राप्त किया था। इसी पावन अवसर पर उनके प्रथम गणधर गौतम स्वामी को केवलज्ञान की प्राप्ति हुई थी। इसी कारण जैन समाज दीपावली को भगवान महावीर के निर्वाण महोत्सव एवं गौतम गणधर के केवलज्ञान दिवस के रूप में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाता है। इसी दिन से वीर निर्वाण संवत का शुभारंभ भी माना जाता है। इस वर्ष जैन समाज 2552वां वीर निर्वाण महोत्सव मना रहा है।
उन्होंने कहा कि भगवान महावीर स्वामी ने संपूर्ण विश्व को अहिंसा, सत्य, करुणा, मैत्री और शांति का महान संदेश दिया। आज जब दुनिया के अनेक हिस्सों में हिंसा, युद्ध और हथियारों की होड़ देखने को मिल रही है, ऐसे समय में भगवान महावीर के सिद्धांतों की प्रासंगिकता और भी बढ़ जाती है। विश्व को युद्ध और विनाश के रास्ते से हटाकर शांति, सद्भाव तथा निशस्त्रीकरण की दिशा में आगे बढ़ने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यदि मानव समाज भगवान महावीर के अहिंसा एवं जियो और जीने दो के सिद्धांत को अपने जीवन में आत्मसात कर ले, तो विश्व में व्याप्त हिंसा और वैमनस्य को समाप्त करने की दिशा में बड़ा परिवर्तन संभव है।
हपावत ने सभी को दीपावली एवं नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में नई उमंग, नया उत्साह, सुख, समृद्धि और शांति लेकर आए। दीपावली की सार्थकता केवल दीप जलाने और उत्सव मनाने में नहीं, बल्कि भगवान महावीर के बताए मार्ग पर चलकर अपने जीवन और समाज को प्रकाशित करने में है।उन्होंने कहा कि जब हमारे आचरण में अहिंसा, विचारों में शांति और व्यवहार में करुणा का प्रकाश होगा, तभी सच्चे अर्थों में हमारा दीपावली पर्व मनाना सार्थक होगा और हमारा देश ही नहीं, संपूर्ण विश्व सद्भाव एवं शांति के प्रकाश से आलोकित होगा।
जमनालाल जैन हपावत
संस्थापक अध्यक्ष
दिगंबर जैन ग्लोबल महासभा, मुंबई
